दुद्धी, सोनभद्र। प्रदेश सरकार गाँव में हो रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता को लेकर दृढ संकल्पित हैं और इसके लिए निविदा प्रकाशन एवं टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं लेकिन दुद्धी ब्लॉक के कुछ सचिवों ने सेटिंग के तहत अल्पकालीन निविदा प्रकाशन करवाकर अपने चहेतों को सप्लायर बनाने का खेल शुरू कर दिया हैं, जिसको लेकर वित्तीय वर्ष शुरू होते ही सवाल उठने लगे हैं।कुछ तथाकथित सचिव के सप्लायर ही अल्पकालीन निविदा का प्रोफार्मा लेकर निविदा छपवाने लगे ताकि निविदा डालने की तारीख सिर्फ उनको पता हो और अन्य लोग कोई निविदा न डाल सके जबकि जिन ग्राम पंचायतों का टेंडर छपा हैं उस ग्राम पंचायत के कार्यालय में न तो टेंडर फॉर्म हैं और न ही अभी तक निविदा बॉक्स ही रखा गया हैं। ऐसे में आशंका जतायी जा रही हैं कि संबंधित सचिव निविदा छपवाने के बाद सेटिंग के तहत सप्लायर रखने के जुगाड़ में जुट गए हैं ताकि सरकारी धन का जमकर बंदरबाँट किया जा सकें। उधर ग्रामीणों का कहना हैं कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर ग्राम पंचायत कार्यालय पर न तो कोई नोटिस चस्पा हैं और न ही ग्राम पंचायत कार्यालय से फॉर्म ही बिक्री की जा रही हैं।इससे समझ सकते हैं कि ग्राम पंचायत कितनी पारदर्शिता के साथ टेंडर प्रक्रिया सम्पन्न करा रही हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी महोदय से मांग की हैं कि ग्राम पंचायत का टेंडर ग्राम पंचायत कार्यालय से ही वीडियोग्राफ़ी कराते हुए सम्पन्न कराया जाय ताकि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।सूत्रों की माने तो इन दिनों निविदा के प्रकाशन में भी कमीशन का खेल शुरू हो गया है।
