बीजपुर (सोनभद्र) म्योरपुर ब्लॉक के शिक्षा क्षेत्र में एबीएसए की लापरवाह और नियम विरुद्ध कार्यशैली के कारण दिन प्रतिदिन बढ़ रही अराजकता थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी बीच बौखलाए एबीएसए ने तुगलकी फरमान जारी कर शिक्षा के मंदिरों को कुरुक्षेत्र बनाने का फरमान सुना दिया है। उनके काले कारनामों को उजागर करने वाले मीडिया बंधुओं अभिभावकों और सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं पर एफआईआर फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियों का सहारा लिया जाने लगा है। अपने चरण बंदना वाले कुछ खासम ख़ास दलाल शिक्षकों के साथ मिल कर साजिश षडयंत्र रचने में महारथ हासिल कर चुके एबीएसए द्वारा मीडिया पर भी हमले की तैयारी कर लिया है। बताया जा है कि गुरुवार को ब्लॉक संसाधन केन्द्र म्योरपुर देवरी में सैकडों प्रधानाध्यापकों के साथ सम्पन्न हुई एक घंटे की बैठक में इस बात पर ज्यादा फोकस दिया गया की कैसे विद्यालय में अनियमितताओं को उजागर करने वालों से निपटा जाय इसमे सबसे पहले उन्हों ने कहा किसी को विद्यालय परिसर में घुसने न दिया जाए।बैठक में बीईओ ने प्रधानाध्यापको को मीडिया जनप्रतिनिधियों अभिवावकों से लड़ने और मौके पर ही लड़भीड़ जाने का पूरा मंत्र दे डाला गया। बीईओ द्वारा विद्यालय में आने वालो पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए 112 नंबर डायल करने के लिए शिक्षकों को उकसाया गया। अब सवाल यह भी उठने लगे हैं की बीईओ के विरुद्ध खोले गए मोर्चे में निर्दोष शिक्षकों को सेनापति बनाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। बीईओ के गुरुमंत्र का असर शुक्रवार को बीजपुर कंपोजिट विद्यालय में देखने को मिल गया जहां एक दंपति शिक्षक द्वारा एक टीवी पत्रकार बन्धु से बहस और गाली गलौज करने के बाद थाने में एप्लीकेशन तक दे डाला गया। कुछ दिनों पहले भी बभनी थाने में एक शिक्षिका द्वारा डायल 112 नंबर पर काल कर अभिभावकों और नेताओं को फसाने का प्रयास किया गया था। सवाल यह है कि शिक्षा ब्यवस्था की गुडवक्ता में सुधार करने की बजाय एबीएसए द्वारा ब्लॉक के सैकड़ों विद्यालयों में महाभारत शुरू करने के लिए कौरवों की सेना क्यों तैयार किया जा रहा है और इनके कारनामे से अनविज्ञ धृतराष्ट्र बैठ कर सब कुछ सुनने जानने देखने के बाद भी मौन है।

Author: Pramod Gupta
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