बीजपुर (सोनभद्र) म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत संचालित सैकड़ो परिषदीय विद्यालयों में पठन पाठन महज भगवान भरोसे कागजी खाना पूर्ति बन कर रहा गया है। एबीएसए विश्वजीत कुमार के तथाकथित जाँच रिपोर्ट पर बीएसए मुकुल आनन्द पांडेय द्वारा कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर के चार शिक्षकों को एक दिन पहले एक साथ प्रतिकूल प्रविष्ट वेतन बृद्धि सहित प्रमोशन पर रोक के अलावा अलग अलग विद्यालयों में अटैच मेन्ट का आदेश देकर विवाद को और तूल दे दिया है। इसी महीने एआरपी म्योरपुर अखिलेश देव पांडेय का वेतन रोकने की कार्रवाई से अब यह साफ हो गया है कि शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर में केवल एबीएए और कर्मियों के बीच बर्चश्व की लड़ाई चल रही है इसमे शिक्षा का स्तर और पठन पाठन पूरी तरह से चौपट हो गया है। कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर में तत्कालीन प्रधानाध्यापक आशारानी को शीतकाल छुट्टी के दौरान 19 दिसम्बर को जाँच और 2 जनवरी को निलम्बल की कार्रवाई के बाद शिलशिला थमने का नाम नही ले रहा है अब उपजी दुर्व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में आक्रोश ब्याप्त है तो जगह जगह विद्यालयों में एबीएसए के कारण चल रही खींचतान की शिकायत लखनऊ मुख्यमंत्री दरबार तक पहुँच गयी है। पूर्व की तैनाती के दौरान से सुर्खियां बटोर रहे बीईओ विश्वजीत कुमार को विवादों में बने रहने का शौक हो गया है।दबाव में रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष बच्चों की हाजिरी प्रत्येक स्कूलों में बढ़ा चढ़ा कर टीचरों से लगवाई जा रही है यह सब महज अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए बच्चों को मिलने वाले पोस्टिक आहार फल दूध बादाम पट्टी चावल दाल पर आने वाले कन्वर्जन काष्ट में कटौती में बचत कर लाखों रुपये महीना सरकारी धन के लूट का सिस्टम बनाया गया है। यही कारण है कि बेसिक शिक्षाधिकारी बीईओ पर कार्रवाई की बजाय टीचरों को ही बलि का बकरा बना कर एबीएसए की कार्यप्रणाली को दफन करने में लगे हुए हैं। जानकारी के लिए बीएसए सोनभद्र को फोन किया गया लेकिन फोन रिसीव नही हुआ।

Author: Pramod Gupta
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