बीजपुर/सोनभद्र (विनोद गुप्त)रेणुकोट बीजपुर राजमार्ग पर बकरिहवा से बीजपुर तक 25 किलोमीटर सड़क का कचूमर निकल गया है।गढ्ढा युक्त सड़क में प्रतिदिन दुर्घटना हो रही है कुछ लोग अपंग हो गए हैं तो कुछ अस्पताल और घर की खाट तोड़ रहे हैं वहीं कुछ सदा के लिए इस दुनियाँ को छोड़ कर चले गए हैं परिजन हादसे को लेकर दुखी हैं गढ्ढा युक्त सड़क को दोषी मान कर सरकार और लोकनिर्माण विभाग को रात दिन कोष रहे हैं।बताते चले कि इस सड़क पर पिछले दो साल पहले ओवरलोड़ बालू परिवहन के कारण जगह जगह सड़क बैठ गयी बाद में इसी सड़क पर एनटीपीसी रिहन्द परियोजना से ओवरलोड़ राख परिवहन शुरू हुआ तो अब सड़क में अनगिनत गढ्ढे बन गए हैं।समूचे दिन वाहनों के पहिये से उड़ रही राख और धूल के गुबार के बीच दुपहिया वाहनों से आवागमन इंशानी जिन्दंगी के लिए मौत का सफर बन गया है।अब इस सड़क को लोग खूनी सड़क के नाम से भी पुकारने लगे है।ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर सरकार सहित जिला प्रशासन लोकनिर्माण विभाग को पत्र लिखा तमाम समाचार पत्रों में खबर छपी लेकिन सब बेकार साबित हुआ तो अब सड़क को गढ्ढा मुक्त करने के लिए ग्रामीणों ने खुद कमान सम्हाली है।शुक्रवार को समाजसेवी राजेश केशरी के नेतृत्व में ब्लाक अध्यक्ष वकीलुन निशा आशा कार्यकर्ती सबीना बेगम मैडम नूरजहाँ सहित अन्य सदस्यों ने जरहा गाँव के चेतवा में सड़क पर बने गढ्ढे में मिट्टी गिट्टी डाल कर गढ्ढा मुक्त करने का अभियान चलाया।बताया गया कि बड़े गढ्ढे को मिट्टी से भर कर गढ्ढा मुक्त किया जा रहा है यह अभियान 25 किलोमीटर तक धीरे धीरे तब तक चलता रहेगा जब तक सरकार और विभाग की नींद नही खुल जाती।
