बीजपुर/सोनभद्र (विनोद गुप्त) स्थानीय बाजार स्थित चिन्हित मेडिकल स्टोर संचालक चोरी छिपे नशीली दवाओं की बिक्री के भरोसे बाजार में अपना सिक्का चला रहे हैं तो एक मेडिकल स्टोर संचालक पति पत्नी दम्पति डॉक्टर बन कर ग्रामीण मरीजों का शोषण पर आमादा हैं।बताया तो यहाँ तक जा रहा है कि डोडहर मोड़ से लेकर बीजपुर बाजार तक बगैर लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों में एक्सरे मशीन खून जाँच के लिए स्थापित लैब हड्डी फ्रेक्चर होने पर ऑपरेशन प्लास्टर तक किया जाता है और दवा उपचार के नाम पर मोटी रकम गरीब ग्रामीण मरीजों से ऐंठा जा रहा है।सूत्रों पर भरोसा करें तो बीजपुर परिक्षेत्र के 30 किलो मीटर क्षेत्रफल में कहीं भी सरकारी सीएचसी अथवा पीएचसी पर सस्ती और अच्छी चिकित्सा ब्यवस्था न होने के कारण झोला छाप डॉक्टर आदिवासी क्षेत्र होने का भरपूर लाभ ले रहे हैं। बताते चले कि एनटीपीसी रिहंद में आलीशान धन्वन्तरि हॉस्पिटल जरूर है लेकिन वहाँ महंगी चिकित्सा और हल्की फुल्की बीमारी वाले मरीजों को भी भेदभाव पूर्ण रवैया के कारण रेफर करने वाले डॉक्टरों के कारण ग्रामीणों के पहुँच से यह चिकित्सालय दूर है। बीजपुर पुनर्वास और चेतवा में पीएचसी है लेकिन वहाँ पर लंबे अर्से से तैनात कर्मियों के कुटिल राजनीति एवं लापरवाही से पीएचसी खुद बीमार चल रहा है।जनचर्चा पर गौरकरें तो बाजार के कुछ मेडिकल स्टोर से नशीली दवाएं कोरेक्स सिरप की खेप पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के युवाओं तक धड़ल्ले से पहुचाई जा रही है।इतना ही नही बगैर डॉक्टरों की पर्ची लिखे नशीली और प्रतिबधित दवाओं के बिक्री से युवा वर्ग नशे की बुरी लत के दलदल में फंसता जा रहा है।सम्भ्रांत जनों ने सीएमओ सोनभद्र का ध्यान दिलाते हुए आवश्यक कार्रवाई की माँग की है। इसबाबत एडिशनल सीएमओ डॉ कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि शिकायत मिली है जल्द गोपनीय जाँच और कार्रवाई का रिजल्ट सामने आएगा।

Author: Pramod Gupta
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