सोनभद (समर सैम) जनपद के नगर पंचायत ओबरा में बीच आबादी में तक़रीबन 7 बिस्वा ज़मीन है। जिसे तीन तरफ से बाउंड्री वाल से घेरा गया है। इसी ज़मीन के छोर पर राममंदिर और रामलीला का मंच भी बना हुआ है। कुछ लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने इस विवादित ज़मीन को नगर पंचायत ओबरा की घोषित कर दिया। इस पर नगर पंचायत ओबरा दल बल के साथ उक्त विवादित ज़मीन पर कब्ज़ा करने पहुंच गया। कब्ज़ा करने गई नगर पंचायत की टीम को भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। मंदिर से जुड़े लोगों ने कब्जे पर एतराज जताते हुए इसे मंदिर की भूमि बताया। फिलहाल विवाद को स्थानीय प्रशासन ने शांत करा दिया। इस प्रकरण में श्री राम मंदिर ओबरा के सचिव नीलकांत तिवारी ने मीडिया को बताया कि ओबरा में 1962 से संचालित है राम मंदिर। मंदिर समिति द्वारा यहां धर्मशाला, मानस भवन एवं राम नाम बैंक का भी संचालन किया जा रहा है। इसके पूर्व 1974 से मृत्यु पर्यन्त तक केशव चन्द्र तिवारी बतौर सचिव श्री राम चरित्र मानस मंदिर समिति का कार्यभार देखते रहे हैं। 1974 में ओबरा परियोजना के वरिष्ठ इंजीनियर मथुरा राय संस्थापक अध्यक्ष रहे। कालांतर में सुदामा पाठक सहित कई गणमान्य नागरिक जन भी अध्यक्ष के पद पर विराजमान रह चुके हैं। वर्तमान में उक्त समिति के अध्यक्ष ईश्वरिय नारायण सिंह हैं जो कि पिछले दस से अधिक सालों से समिति को अपना मार्गदर्शन दे रहे हैं। समिति की ग्राम बिल्ली मारकुंडी में आराजी संख्या व 3048 गा रकबा 4 बीघा एवं आराजी संख्या 3048 क रकबा 2 बीघा 13 बिस्वा समिति की संपत्ति है। सचिव का दावा है कि राजस्व अभिलेखों में आराजी संख्या 3048 ग रकबा 4 बीघा रामलीला मैदान के नाम से व 3048 क रकबा 2 बीघा 13 बिस्वा मंदिर के नाम दर्ज है। जबकि नगर पंचायत ओबरा इस विवादित भूमि पर अपना अधिकार जता रहा है। इस पर समिति के सदस्य एवं अधिवक्ता संजीव चौबे का कहना है कि कुछ लोग प्रशासन को गुमराह करके ऐसा कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पहले लोगों ने मंदिर समिति का पंजीकरण कराना चाहा। जब दाल नहीं गली तो तथाकथित लोगों ने मंदिर समिति पर अनियमितता का आरोप लगाने लगे। यहीं नहीं उन्होंने अर्जी देकर मंदिर की बेशकीमती भूमि को नगर पंचायत की घोषित करा दिया। गलत रिपोर्ट लगाकर नगर पंचायत ओबरा के फेवर में भूमि घोषित कर दी गई। इस पर लिखा पढ़ी की जा रही है।
कश्री राम चरित्र मानस मंदिर समिति, राम मंदिर, बजरिये सचिव , नील कांत तिवारी द्वारा समिति एवम समिति की आराजी स0 3048 गा रकबा 4 बीघा व 3048 क: रकबा 2 बीघा 13 बिश्वा राम मंदिर कॉलोनी ओबरा के विरुद्ध न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीज़न सोनभद्र के समक्ष निषेधाज्ञा वाद प्रस्तुत किया गया है
जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनाँक 7/10/2024 द्वारा विपक्षीगण को वादी के समिति के कार्यो व मंदिर के पूजा पाठ, धर्मशाला व स्थलों पर धार्मिक आयोजनो में, दखल में हस्तक्षेप न तो स्वम करे और न ही एजेंटों कारकुनों से कराने से मना किया गया है।
साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ आवश्यकता पड़ने पर मुकदमा भी दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फ़िलहाल मंदिर से जुड़े लोगों ने भूमि कब्ज़ा करने आई नगर पंचायत के दल बल को बलपूर्वक रोक दिया। नगर पंचायत ओबरा की टीम बिना कब्ज़ा किये बैरंग लौट गई।

Author: Pramod Gupta
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