सूत्रों के अनुसार
सोनभद्र- दुद्धी तहसील क्षेत्र के आदिवासियों को बहला फुसलाकर या फिर डरा धमकाकर अवने पौने दामों पर भूमि की खरीद फरोख्त कोई नई बात नही है। कुछ इसी तरह का मामल सोमवार को प्रकाश में आया कि वन रेंज दुद्धी कैम्पस में आबकारी इंस्पेक्टर अपने सहयोगियों के साथ आदिवासियों के अंगूठे बंद स्कार्पियो में बैठा कर लगवा कर जमीन का क्रय विक्रय कर लिए जिसका कैमरे में वीडियो सूट हुआ। वीडियो में आबकारी इंस्पेक्टर प्रशासन लिखे स्कार्पियो UP 64AU 9170 से दुद्धी वन रेंज कैम्पस में इंट्री करते है ,यह स्कार्पियो समाधान दिवस में खड़ी थी।कुछ देर बाद छत्तीसगढ़ नंबर प्लेट की बोलेरो CG15B9633 आती है जिसमे कुछ आदिवासी सहित दो से तीन रंगबाज युवक उतरते है और खेल शुरू हो जाता है।वीडियो में देखा जा सकता है कि रामनगर स्थित वन रेंज ऑफिस परिसर में कुछ लोगों के बीच सेटिंग -गेटिंग चल रही थी कि स्थानीय लोग आशंकावस वहां पहुंचे और वीडियो बनाने लगे तो एक व्यक्ति द्वारा मोबाइल छीनने की कोशिश की जाने लगी।इसके बाद चमचमाती गाड़ी में बैठे व्यक्ति द्वारा अपने आपको आबकारी निरीक्षक बताते हुए सुना जा सकता हैं। जबकि वीडियो बनाने वाला युवक द्वारा फारेस्ट रेंज परिसर में आने को लेकर पूछा गया तो अपने आपको आबकारी निरीक्षक बताने वाला व्यक्ति अपने आपको बचाव करते हुए देखें गए और कुछ जमीन की लेन -देन संबंधित बात करते हुए सुनाई दें रहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि कथित आबकारी निरीक्षक चमचमाती गाड़ी में प्रशासन लिखवा कर क्षेत्र के भोले भाले लोगों को डरा -धमका कागज अंगूठा लगवाया जा रहा था, जिससे ये संभावना जतायी जा रहीं हैं कि गरीब आदिवासियों की जमीन बैनामा भी कराया जा सकता हैं।सूत्रों की मानें तो कथित आबकारी निरीक्षक द्वारा गाँव में कच्ची शराब बनाने वाले भोले -भाले ग्रामीणों को बिचौलिए के माध्यम से चंगुल में लिया जा रहा हैं और उन्हें कार्यवाही करने की धमकी देकर और कुछ पैसे देकर औने -पौने दामों पर गरीबों की सम्पति अपने या अपने संबंधितो के नाम कराने की कोशिश की जा रही हैं।स्थानीय लोगों की मानें तो उनका आरोप हैं कि आबकारी निरीक्षक आखिर सादे वेश में प्राइवेट गाड़ी पर प्रशासन लिखवाकर धौंस जमाना और जालसाजी करना कहाँ तक जायज हैं, यह तो जाँच का विषय हैं, लेकिन जिस तरह कथित आबकारी निरीक्षक द्वारा अपनी टीम को छोड़कर कुछ बिचौलिए के साथ दुद्धी वन रेंज ऑफिस परिसर में देखा गया उससे तो सवाल खड़े होना लाजिमी है।









