– शिक्षक रहे नदारत शिक्षा क्षेत्र नगवां का है मामला
सोनभद्र (कन्हैयालाल) विकास खंड नगवां के ग्राम पंचायत दरेव के प्राथमिक विद्यालय देवहार का प्राथमिक विद्यालय बंद पाया गया विद्यालय गेट पर ताला लटका पाया गया कही दूर दूर तक नहीं छात्र दिखे नही कोई अध्यापक इस मामले को लेकर ग्रामीणों से पूछा गया तो ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर विद्यालय बंद ही रहता है महीने में कभी कभार एक दो दिन ही विद्यालय खुलता है।
जब इस मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी नगवां बृजेश कुमार सिंह से सेल फोन पर वार्ता की गई तो उन्होंने ने बताया कि जांच कर कार्यवाइ की जाएगी।
बताते चले की जहां सरकार शिक्षण कार्यों के लिए भारी भरकम बजट देती है जिससे की शिक्षा का स्तर ऊपर हो बच्चो को अच्छी शिक्षा मिले लेकिन लापरवाह शिक्षा विभाग और शिक्षक सरकार के मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
इन्ही सब कमियों और कामचोर शिक्षकों पर निगरानी के लिए प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किया था जिसको लेकर प्रदेश के 6 लाख टीचरों ने विरोध किया गया नतीजन सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा था।
अब इसका रुझान भी आने लगा है सुदूर पहाड़ी इलाकों में तैनात शिक्षक ड्यूटी पर जाते ही नही है जिससे नौनिहाल बच्चों का भविष्य अंधकारमय है इसका ताजा उदाहरण सुदूर पहाड़ी इलाकों में बसा प्राथमिक विद्यालय देवहार का है जहां शिक्षक कभी कभार ही जाना मुनाशिब समझते है जिससे पहाड़ों में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है।
अब देखना है शिक्षा विभाग इन शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है या सिर्फ कागजी खानापूर्ति कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की छूट देती है।
Author: Pramod Gupta
Hello









