November 30, 2025 1:48 am

3 वर्ष से अधिक समय से जिले में जमे हैं कई अधिकारी

सोनभद्र। शासन के स्थानांतरण नीति का जनपद में पालन कौन कराएगा इसे लोग नहीं समझ पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जनपद में एक माननीय के रहमो कृपा पर परियोजना निदेशक सात वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं। जिला विकास अधिकारी शेष नाथ चौहान पहले इस जनपद में डीसी मनरेगा पद पर तैनात थे उन्हें जिला विकास अधिकारी पद पर तैनाती मिल गई। तत्कालीन बीडीओ घोरावल राजेश यादव डीसी मनरेगा बन गए। इन दोनों अधिकारियों का कार्यकाल इस जनपद में चार वर्ष से अधिक हो गया है। इन तीनों अधिकारियों का स्थानांतर

एक माननीय के रहमो कृपा पर नहीं हो रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव के तैनाती का भी यही हाल है। कमोवेश इस जनपद में विभिन्न विभागों तैनात लेखाकारों का भी यही हाल है। जिला विकाश अधिकारी कार्यालय में विंदेश्वरी श्रीवास्तव की तैनाती वर्ष 2016 से है। उनको मनरेगा व साडा के लेखाकार का भी काम सौंप दिया गया है। यही हाल जिला पंचायत कार्यालय के लेखाकार अजय शंकर शर्मा का भी है। बताया गया कि वह एक ही पटल पर करीब आठ वर्ष से कार्यरत हैं। उनको डीएमफ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है।

सीएम की अध्यक्षता में हुई थी बैठक

लोगों का कहना है कि पिछले दिनों मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्थानांतर को लेकर बैठक हुई थी। मौके पर तय हुआ कि एक जिले में तीन वर्ष से अधिक समय तक किसी भी अधिकारी अथवा जिम्मेदार पदों पर कर्मचारी की तैनाती नहीं होगी। शासन के इस स्थानांतरण नीति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण किन परिस्थितियों में नहीं किया जा सका है। इस बाबत जब मुख्य विकास अधिकारी को फोन कर जानकारी चाही गई तो उन्होंने काल रिसिब नहीं किया। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया सका।

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

Hello

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल

error: Content is protected !!