बीजपुर- सोनभद्र (विनोद गुप्त) आसमान से दिन में आग बरस रहा है सुबह धूप होते ही बिजली फाल्ट में चली जाती है। समूचे दिन बिजली उपभोक्ता पेड़ के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। यह हाल नधिरा सबस्टेशन के बकरिहवा फीडर का है। यहां एक लाख की आबादी बिजली अधिकारी और नेताओं के महज भाषण एंव आश्वासन पर निर्भर है। गाँवो में मीटर जले हैं तो ट्रांसफार्मर महीनों से फूंके पड़े हैं टोल फ्री पर शिकायत के बाद कोई सुनने वाला नही है। पिछले सप्ताह आए आँधी में टूटे पोल और गिरे तार लाइनमैन और संसाधन के आभाव में खड़े तक नही हुए हैं। दर्जनों गाँवो के कई मजरे में बिजली आपूर्ति बहाल होने में कई महीने लगेगें लोगबाग रात में आदिमानव की तरह जीवन अंधेरे में ब्यतीत करने को विवश हैं। यह हाल केवल एक दिन नही बल्कि बारहों महीने का है यहाँ बिजली कम आती है लेकिन बिल पूरा वसूल किया जाता है। बताया गया कि गुरुवार को पहले 33 केवीए में फाल्ट हो गया है उसके बाद कहा गया कि ब्रेकर में फाल्ट है बिजली कब आएगी यह जानकारी किसी के पास नही है। दबी जुबान कुछ कर्मचारियों ने बताया कि बिजली सप्लाई जेई के इशारे पर बन्द रहती है ऐसा क्यो के सवाल पर इसका जबाब किसी के पास नही है। जानकारी के लिए एसडीओ और जेई को फोन किया गया लेकिन उनका फ़ोन बन्द था। ग्रामीण संतलाल,विकाश,महेंद्र,सन्तु,बद्री,राजेश,राहुल,राजकुमार,शिवमंगल सहित अनेक ने कहा कि आगामी चुनाव में नोटा ही बिजली का विकल्प है।
Author: Pramod Gupta
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