सोनभद्र- दुद्धी 28 मार्च को बीआरसी में एसएमसी एवं प्राणाध्यापकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कुशलता से संपन्न हुआ। इस दौरान विद्यालय में आने वाली समस्याओं,बच्चो की शिक्षा में आ रही बाधाओं को सामुदायिक सहभागिता से दूर करने के तरीके बताए गए।प्रशिक्षकद्वय अनुराग तिवारी एवं शैलेंद्र पाण्डेय ने एसएमसी अध्यक्षों को जागरूक होने का आवाह्न किया।साथ ही बच्चों को निरंतर विद्यालय भेजने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री महेंद्र मौर्या ने कहा कि विद्यालयों में नियत समय पर एसएमसी बैठकें होती रहनी चाहिए तथा बच्चों के नियमित विद्यालय उपस्थिति की जिम्मेदारी सुनिश्चित कर लें। जब एक एक अभिभावक बच्चों को घरेलू कामकाज से इतर शिक्षा के महत्व को तरजीह देने लगेंगे और नियमित विद्यालय भेजने तो शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार होना तय है। साथ ही विद्यालय का भौतिक परिवेश,लाइब्रेरी,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मीनू के अनुसार एमडीएम आदि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलनी चाहिए।इस अवसर पर एआरपी ऋषिणरायण,प्रधानाध्यापक मुसईराम,शैलेश मोहन,चंद्रेश मौर्य,भोलानाथ,हृदय गिरि,राकेश शर्मा,नौशाद खान, फैज,सरफराज, नीरज पाण्डेय,मीरा यादव,नाजिया,वर्षा रानी आदि उपस्थित थे।
Author: Pramod Gupta
Hello









