सोनभद्र। बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पांडेय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने विकासखंड के शिक्षकों के शैक्षिक एवं नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की एक-एक प्रति एकत्र कर कार्यालय में जमा कराएं। इसके बाद सभी अभिलेख बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां उनकी गहन जांच की जाएगी।दरअसल, एक ही प्रमाण पत्र के आधार पर कई शिक्षकों की नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेशभर के शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी के आदेश पर सोनभद्र में भी सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जनपद में वर्तमान में 1879 प्राथमिक और 778 उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। सभी शिक्षकों को हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, बीएड, बीटीसी, डीएलएड, बीएलएड, टीईटी, सीटीईटी सहित नियुक्ति से संबंधित सभी शैक्षिक एवं अन्य अभिलेखों की प्रतियां संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करनी होंगी। इस प्रक्रिया में प्रत्येक शिक्षक के लिए नोटरी से सत्यापित शपथपत्र देना भी अनिवार्य किया गया है। शपथपत्र में विभाग में कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त निकट संबंधियों का पूरा विवरण देना होगा। इसमें पति-पत्नी, माता-पिता, पुत्र-पुत्रवधू, दामाद-बेटी, सास-ससुर, साला-बहनोई, साली-ननद तथा चचेरे, फुफेरे और ममेरे भाई-बहनों सहित अन्य रिश्तेदारों की जानकारी शामिल करनी होगी। यदि परिवार या रिश्तेदारी में कोई भी सदस्य बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अथवा सेवानिवृत्त नहीं है तो इसका स्पष्ट उल्लेख शपथपत्र में करना होगा। इस जांच प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों और नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करना तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई नियुक्तियों की पहचान करना है।
Author: Pramod Gupta
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