पीड़िता को प्रतिकर और पुनर्वास सहायता दिलाने का भी आदेश
सोनभद्र। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) ओमकार शुक्ला की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषसिद्ध पाए गए कमलेश मौर्य को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 46 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है। अभियोजन के अनुसार, 4 जुलाई 2019 की अर्द्धरात्रि में कमलेश मौर्य पुत्र विजय मौर्य निवासी भटौलिया, थाना रॉबर्ट्सगंज ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने और शोर मचाने पर उसने पीड़िता व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। मामले में 9 जुलाई 2019 को थाना रॉबर्ट्सगंज में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद 26 सितंबर 2019 को आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 452 के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 506 के तहत एक वर्ष का कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर संबंधित धाराओं में क्रमशः पांच, चार और एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार सजा में समायोजित किया जाएगा।न्यायालय ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर उपलब्ध कराने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पुनर्वास सहायता दिलाने का आदेश भी पारित किया। मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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