सोनभद्र। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के पदाधिकारियों ने शनिवार को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर विधायक भूपेश चौबे को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से यूपीआई से ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रत्येक ट्रांजेक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि प्रस्तावित एमडीआर शुल्क व्यापारियों के हित में नहीं है। इसका भार व्यापारियों को स्वयं उठाना पड़ सकता है, जबकि वे पहले से आर्थिक चुनौतियों और ऑनलाइन ट्रेडिंग की प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त शुल्क से व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल और जिला महामंत्री राजेश बसल ने कहा कि व्यापारी पहले से विभिन्न प्रकार के करों का भुगतान कर रहे हैं। एमडीआर शुल्क लागू होने से कारोबार की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों ने कहा कि इससे यूपीआई भुगतान के प्रति लोगों के रुझान पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से एमडीआर शुल्क के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर उसे वापस लेने की मांग की, ताकि स्थानीय व्यापारियों और बाजार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, जिला कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल, जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह नीटू, नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल, किराना अध्यक्ष श्यामलाल केशरी, आईटी सेल अध्यक्ष अजय केशरी, फल-सब्जी मंडी अध्यक्ष श्याम बाबू, इलेक्ट्रॉनिक अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, किराना महामंत्री नंदलाल कुशवाहा समेत अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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