सोनभद्र (दुद्धी) छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से निकली कनहर नदी में लगातार हो रही झमाझम बारिश के चलते कनहर सिंचाई परियोजना के मुख्य बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। मंगलवार की अलसुबह बांध के स्पिलवे के 11 गेटों को करीब डेढ़ से दो मीटर तक खोलकर पहली बार लगभग डेढ़ लाख लीटर प्रति सेकेंड पानी का डिस्चार्ज किया गया। पानी छोड़े जाने के बाद बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। देर शाम तक कंट्रोल रूम में बांध का जलस्तर करीब 262.500 दर्ज किया गया। कनहर नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश होने से नदी का प्रवाह काफी तेज हो गया है। इसे देखते हुए बांध के गेटों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि बांध में जलस्तर को निर्धारित सीमा के भीतर रखा जा सके। परियोजना से जुड़े अधिकारी लगातार गेटों और जलस्तर की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अमवार में कनहर नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में सिंचाई विभाग ने तीन शिफ्ट में कर्मचारियों की तैनाती की है। रामानुजगंज कनहर बांध क्षेत्र से करीब 96 किलोमीटर दूर है। यहां नदी के जलस्तर और प्रवाह की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे अमवार क्षेत्र में पानी के संभावित बढ़ाव की जानकारी समय रहते मिल सके। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के खोरी और त्रिशूली में भी सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक रामानुजगंज में कनहर नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद उसका प्रभाव करीब पांच से छह घंटे में अमवार क्षेत्र में दिखाई देता है। इसी वजह से संबंधित स्थानों पर कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है।परियोजना के कंट्रोलरूम से अवर अभियंता नंदलाल यादव ने बताया कि छग में लगातार बारिश की सूचना आ रही है आवश्यकतानुसार और गेटों को खोला या बंद किया जा सकता है।आज ग्यारह रेडियल से पहली बार लगभग डेढ़ लाख लीटर प्रति सेकेंड पानी को डिस्चार्ज किया जा रहा है।
Author: Pramod Gupta
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