– सरकार के मुताबिक रोजाना 88,438 महिलाओं को मिलेगा लाभ, 22.55 करोड़ रुपये मासिक अतिरिक्त खर्च का अनुमान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को रोडवेज बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का निर्णय लिया है। ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत पात्र महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में बिना किराया यात्रा कर सकेंगी। सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य वरिष्ठ महिलाओं को सम्मान और आवागमन में आर्थिक राहत देना है। परिवहन विभाग के अनुसार योजना से प्रतिदिन करीब 88,438 महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए सरकार पर लगभग 22.55 करोड़ रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, योजना की घोषणा के साथ ही इसके वास्तविक लाभार्थियों और सरकारी खर्च को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक उम्र की कितनी महिलाएं वास्तव में नियमित रूप से रोडवेज बसों से यात्रा करती हैं और उनमें से कितनी इस सुविधा का लाभ उठाएंगी।
आंकड़ों की पारदर्शिता पर सवाल
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल रोडवेज यात्रियों में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 4.4 से 4.9 प्रतिशत बताई जा रही है। यदि प्रतिदिन कुल यात्रियों की संख्या 18 से 20 लाख के आसपास मानी जाए तो 88,438 महिला यात्रियों का आंकड़ा कुल यात्रियों का लगभग 4.7 प्रतिशत बैठता है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार द्वारा प्रतिदिन 88,438 लाभार्थियों का अनुमान किन सर्वेक्षणों और आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है। क्या 60+ महिलाओं के बस यात्रा पैटर्न, ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की उपलब्धता और उनकी औसत मासिक यात्राओं का विस्तृत अध्ययन किया गया है?
ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा सबसे बड़ी चुनौती
योजना का लाभ तभी व्यापक रूप से पहुंच सकेगा, जब ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रोडवेज बसों की पर्याप्त उपलब्धता हो। प्रदेश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बस सेवा सीमित होने की स्थिति में मुफ्त यात्रा की सुविधा कागज पर आकर्षक होने के बावजूद व्यवहार में कितनी उपयोगी होगी, यह भी बड़ा सवाल है।
सरकार से पूछे जा रहे सवाल
- योजना के तहत प्रतिदिन 88,438 लाभार्थियों का आंकड़ा किस सर्वे के आधार पर तय किया गया?
- 60+ महिलाओं के लिए योजना पर सालाना कुल कितना खर्च आएगा?
- प्रदेश की कुल 60+ महिलाओं में से कितनी महिलाएं नियमित रूप से रोडवेज बसों का इस्तेमाल करती हैं?
- क्या सरकार के पास जिलेवार यह आंकड़ा है कि योजना का लाभ सबसे अधिक कहां की महिलाएं उठा रही हैं?
- ग्रामीण क्षेत्रों में योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था है या नहीं?
- क्या भविष्य में योजना का दायरा अन्य जरूरतमंद वर्गों तक बढ़ाने पर भी विचार होगा?
जनहित की योजना, लेकिन जवाबदेही भी जरूरी
वरिष्ठ महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला निश्चित रूप से सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इससे उन महिलाओं को आर्थिक राहत मिल सकती है जिन्हें यात्रा के लिए रोडवेज बसों पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन सार्वजनिक धन से संचालित ऐसी योजना के वास्तविक प्रभाव का आकलन भी जरूरी है। योजना कितनी महिलाओं तक पहुंची, किस जिले में कितनी महिलाओं ने इसका लाभ लिया और सरकार पर वास्तविक वित्तीय भार कितना पड़ा—इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाना पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। चुनावी घोषणा से जोड़कर देखने के बजाय योजना के वास्तविक लाभ और आंकड़ों के आधार पर इसका मूल्यांकन होना चाहिए।
Author: Pramod Gupta
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