सोनभद्र। रक्षाबंधन पर्व से पहले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने स्नेह, सम्मान और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश की। महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार राखी जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की कलाई पर बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। उनके हाथों से तैयार रक्षा-सूत्र महिला हुनर, स्वाभिमान और स्वावलंबन का प्रतीक बना। इस दौरान जिलाधिकारी ने महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही विभिन्न प्रकार की राखियों को देखा और उनके साथ बैठकर राखी बनाने की प्रक्रिया को समझा। उन्होंने कच्चे माल, लागत, निर्माण, बिक्री और इससे होने वाली आमदनी की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने महिलाओं की रचनात्मकता और मेहनत की सराहना करते हुए उत्पादों को अधिक से अधिक बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद के 30 स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी करीब 150 महिलाएं रक्षाबंधन के लिए राखियां तैयार कर रही हैं। अब तक करीब 20 हजार आकर्षक राखियां तैयार की जा चुकी हैं। इनकी बिक्री से समूह की महिलाओं को लाखों रुपये की आमदनी होने की संभावना है। महिलाओं के लिए रक्षाबंधन का पर्व उत्सव के साथ-साथ आजीविका का अवसर भी बन गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि समूह की बहनों द्वारा तैयार राखियां उनके हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास की पहचान हैं। स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध कराकर महिलाओं की आय बढ़ाना आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक समृद्धि की कामना की।
स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जोड़ा जाएगा
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनके परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में भी पहल की जा रही है। डे-एनआरएलएम के एफएनएचडब्ल्यू कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सखियों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से समूहों से जुड़े परिवारों की पात्रता संबंधी जानकारी संकलित की जाएगी। पात्र परिवारों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन-आरोग्य अभियान से जोड़ते हुए आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने की कार्रवाई की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक के निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि महिलाओं को केवल रोजगार से जोड़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आजीविका, बाजार और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत आधार उपलब्ध कराना भी जरूरी है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके परिवारों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वागीश कुमार शुक्ला, डीसी मनरेगा रविन्द्र वीर सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा, उप जिलाधिकारी घोरावल विशाल कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
Author: Pramod Gupta
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