सोनभद्र। मीनाबाजार स्थित घाघर नदी पर निर्माणाधीन पुल और आमजन के आवागमन के लिए बनाए गए वैकल्पिक संपर्क मार्ग के निर्माण में कथित अनियमितता और लापरवाही का मामला सामने आया है। मारकुंडी निवासी अवधेश कुमार गुप्ता ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई/आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन और बाढ़ में क्षतिग्रस्त वैकल्पिक मार्ग की स्थिति की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता के मुताबिक जिला कारागार गुरमा को मारकुंडी क्षेत्र से जोड़ने वाले मीनाबाजार घाघर नदी पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान लोगों के आवागमन के लिए नदी किनारे वैकल्पिक संपर्क मार्ग बनाया गया था। 21 जुलाई 2026 को घाघर नदी में आई बाढ़ और तेज बहाव से मार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया, जिससे आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
स्कूली बच्चों और मरीजों का आवागमन प्रभावित
मार्ग क्षतिग्रस्त होने से स्कूली बच्चों, दैनिक मजदूरों, मरीजों, व्यापारियों, ग्रामीणों, पशुपालकों और जिला कारागार से जुड़े लोगों के आवागमन पर असर पड़ने का दावा किया गया है। बारिश के दौरान मार्ग पर कीचड़, गड्ढे और जलभराव से दुर्घटना की आशंका भी जताई गई है।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए सीमेंट, सरिया, गिट्टी, बालू और कंक्रीट समेत निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। साथ ही स्वीकृत डिजाइन, ड्राइंग, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश और मौके पर हो रहे निर्माण का मिलान कराने की मांग की गई है। निर्माण में फॉर्मवर्क और सेंटरिंग व्यवस्था की भी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि जांच ऐसी स्वतंत्र तकनीकी टीम से कराई जाए, जो सीधे निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण से जुड़ी न हो।
क्षतिग्रस्त मार्ग तत्काल दुरुस्त कराने की मांग
आईजीआरएस शिकायत में बाढ़ से क्षतिग्रस्त वैकल्पिक मार्ग को तकनीकी रूप से सुरक्षित और मजबूत तरीके से तत्काल दुरुस्त कराकर आवागमन बहाल कराने की मांग की गई है। साथ ही जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था और दुर्घटना रोकने के आवश्यक इंतजाम कराने की मांग की गई है।
दोष मिलने पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने संबंधित अधिकारियों, अभियंताओं और कार्यदायी संस्था/ठेकेदार के निरीक्षण अभिलेखों तथा गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि घटिया सामग्री, तकनीकी मानकों के उल्लंघन, लापरवाही अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आईजीआरएस शिकायत संख्या 40020026015947 के माध्यम से जिलाधिकारी से स्थलीय निरीक्षण और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने के साथ जांच रिपोर्ट एवं कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अब निगाह इस बात पर है कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।
Author: Pramod Gupta
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