डेढ़ घंटे बाद गोद में उठाकर अस्पताल ले जाने को मजबूर हुआ छोटा भाई
सोनभद्र। बीजपुर(विनोद गुप्त):उत्तर प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क और आपातकालीन सेवाओं के त्वरित रिस्पांस के दावों की हवा निकालती एक दर्दनाक खबर बीजपुर क्षेत्र से सामने आई है। नमामि गंगे परियोजना में फिटर के पद पर कार्यरत पिंडारी निवासी 29 वर्षीय किसन चंद पुत्र रमाकांत शुक्रवार रात करीब 8:45 बजे ड्यूटी से घर लौट रहे थे।इंजानी गांव के पिपरहर मोड़ के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे में बाइक फंसने से वह भीषण हादसे का शिकार हो गए।हादसे में किसन चंद के सिर चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।चोटें इतनी गंभीर थीं कि राहगीर उन्हें पहचान तक नहीं पा रहे थे।प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद 112 पुलिस एक घंटे बाद और 108 एम्बुलेंस लगभग डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची।काफी मशक्कत के बाद पहचान होने पर स्वजन मौके पर पहुंचे।सरकारी सहायता न मिलती देख छोटा भाई अशोक कुमार रोते-बिलखते अपने घायल बड़े भाई को गोद में उठाकर ही अस्पताल ले जाने का प्रयास करने लगा।इस हृदयविदारक दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया।बाद में देर से पहुंची 108 एम्बुलेंस के जरिए घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी में भर्ती कराया गया।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मार्ग वर्षों से जर्जर है और अंधेरे में गड्ढे दिखाई न देने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। पीडब्ल्यूडी और जनप्रतिनिधियों से बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।इस घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार के वादों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









