सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र के केकराही स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा और नवजात शिशु की मौत के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के पति की तहरीर पर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ इलाज में लापरवाही और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं। ग्राम पूरखास निवासी रामजी पुत्र स्वर्गीय राधेश्याम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी 28 वर्षीय गर्भवती पत्नी संतोषी कुमारी को 17 जून 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर जडेरुआ सरकारी प्रसव केंद्र ले जाया गया था। आरोप है कि वहां मौजूद नर्स ने ऑपरेशन से प्रसव कराने की बात कहकर केकराही स्थित मेडिसिटी अस्पताल भेज दिया। इसके बाद अस्पताल की ओर से भेजे गए वाहन से उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान इलाज किया गया, लेकिन 18 जून की शाम लगभग चार बजे प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल कर्मियों ने परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें अस्पताल से बाहर निकालने का प्रयास किया। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग की जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर चिकित्सा नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद द्वारा अस्पताल को सील कर दिया गया। मामले में करमा पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 106(1) तथा 352 के तहत मुकदमा संख्या 0118/2026 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Author: Pramod Gupta
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