सोनभद्र। जनगणना-2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार दुद्धी, तहसीलदार ओबरा तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी/अपर जिला जनगणना अधिकारी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार रात 8 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में जनगणना कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। समीक्षा के दौरान तहसील दुद्धी एवं ओबरा के ग्रामीण चार्ज क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस ब्लॉकों (HLBs) की प्रगति अत्यंत धीमी पाई गई। दुद्धी तहसील में मात्र 7.50 प्रतिशत तथा ओबरा तहसील में 17.68 प्रतिशत कार्य ही पूर्ण मिला। जिलाधिकारी ने पाया कि संबंधित चार्ज अधिकारियों द्वारा जनगणना कार्यों के अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं अपर जिला जनगणना अधिकारी स्तर से भी गणना कार्य में लगे अध्यापकों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों की प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही थी। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश जारी किया। साथ ही चेतावनी दी कि आगामी दो दिनों के भीतर कार्यों में अपेक्षित सुधार एवं प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना- 2027 के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमित अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं क्षेत्रीय निरीक्षण सुनिश्चित करें, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
Author: Pramod Gupta
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