सोनभद्र। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा जनगणना के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण’ में ओबीसी वर्ग के आंकड़े अलग से दर्ज न किए जाने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। संगठन ने इसे ओबीसी समाज के साथ अन्याय बताते हुए केंद्र सरकार से जनगणना प्रक्रिया में ओबीसी के लिए अलग विकल्प जोड़ने की मांग की है। मोर्चा के जिलाध्यक्ष/जिला संयोजक धनजी मौर्य ने बताया कि वर्तमान में चल रही हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में परिवार की श्रेणी के संबंध में केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य (Others) का विकल्प दिया गया है, जबकि ओबीसी के लिए अलग विकल्प नहीं रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट होता है कि वर्ष 2027 की राष्ट्रीय जनगणना में भी ओबीसी जातिगत आंकड़ों को अलग से शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की मांग है कि जनगणना प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग के लिए अलग विकल्प दिया जाए, ताकि पिछड़े वर्ग के वास्तविक आंकड़े सामने आ सकें और समाज को न्याय मिल सके। मोर्चा ने जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हाउस लिस्टिंग के लिए तैयार किए गए HLO ऐप के माध्यम से पूरी जानकारी मोबाइल से ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिसका कोई भौतिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं रहेगा। संगठन का कहना है कि यदि आंकड़ों में त्रुटि होती है तो उसकी जवाबदेही तय करने की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। संगठन ने मांग की है कि जनगणना के आंकड़ों के भौतिक सत्यापन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। बताया गया कि इन मांगों के समर्थन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा देश के 31 राज्यों के 625 जिलों में ज्ञापन सौंपा जा रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन के तीसरे चरण में 22 जून को राष्ट्रव्यापी रैली एवं प्रदर्शन किया जाएगा।
Author: Pramod Gupta
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