सोनभद्र (बभनी) उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक ओर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और जीरो टॉलरेंस नीति का दावा कर रही है, वहीं सोनभद्र जिले के बभनी क्षेत्र के असनहर गांव में आंगनबाड़ी भर्ती को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। जांच में सत्यता उजागर होने के बावजूद पीड़िता आज भी न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है। मामला असनहर प्रथम केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रिक्त पद से जुड़ा है। गांव की मूल निवासी और पात्र अभ्यर्थी बबिता गुप्ता ने नियमानुसार आवेदन किया था। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपनी पुत्री सुनीता, जिसकी शादी वर्षों पहले छत्तीसगढ़ में हो चुकी है, को लाभ पहुंचाने के लिए स्थानीय लेखपाल से सांठगांठ कर फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवा दिया। इसके आधार पर सुनीता को प्रथम वरीयता सूची में शामिल कर लिया गया।जब बबिता गुप्ता को कथित अनियमितता की जानकारी हुई, तो उन्होंने सुनीता के विवाह संबंधी दस्तावेज, शादी का कार्ड, ग्राम प्रतिनिधियों के बयान तथा छत्तीसगढ़ में निवास और बच्चों से जुड़े प्रमाण एकत्र कर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय में प्रस्तुत किए। आरोप है कि शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता को तहसील और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगवाए जाते रहे। पीड़िता का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए उनका आय प्रमाण पत्र तक निरस्त कर दिया गया, जिससे उनकी पात्रता प्रभावित हो सके। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए। नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार की टीम द्वारा की गई जांच में स्पष्ट रूप से पाया गया कि सुनीता की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व छत्तीसगढ़ में हो चुकी है और वह असनहर गांव की स्थायी निवासी नहीं है। जांच रिपोर्ट संख्या 845/45 में निवास प्रमाण पत्र को अवैध बताया गया। इसके बावजूद अब तक संबंधित रिपोर्ट पर अंतिम कार्रवाई नहीं हो सकी है। पीड़िता का आरोप है कि ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के बजाय मामले को ऑफलाइन प्रक्रिया में उलझाकर लंबित रखा गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार अब पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से भर्ती कराने की तैयारी की जा रही है। पीड़िता बबिता गुप्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें नियुक्ति प्रदान की जाए तथा फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
Author: Pramod Gupta
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