सोनभद्र। सोनांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह ने डीजल की लगातार बढ़ रही कीमतों और प्रेशर हॉर्न पर यातायात पुलिस की कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की।उन्होंने बताया कि पिछले दस दिनों में चार बार डीजल के दाम बढ़ाए गए, लेकिन भाड़े में कोई वृद्धि नहीं हुई। इससे ट्रांसपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। यदि यही स्थिति रही तो ट्रांसपोर्ट व्यवसाय बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में ट्रांसपोर्टरों का महत्वपूर्ण योगदान है। वे दिन-रात मेहनत कर आवश्यक वस्तुओं को देश के कोने-कोने तक पहुंचाते हैं। महंगे ईंधन के कारण रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता और जीडीपी वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।श्री सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में यातायात पुलिस द्वारा ट्रकों से प्रेशर हॉर्न उतरवाए जा रहे हैं और 15,000 से 20,000 रुपये तक के भारी चालान किए जा रहे हैं। एसोसिएशन का तर्क है कि बड़े वाहनों में सामान्य टीटी हॉर्न दूर से सुनाई नहीं देते, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। यातायात पुलिस को इस पहलू को गंभीरता से समझना चाहिए। डीजल पर लगने वाले वैट और एक्साइज ड्यूटी को घटाकर इसे जीएसटी के दायरे में लाया जाए। डीजल की कीमतों की समीक्षा दैनिक आधार पर न होकर हर पखवाड़े हो ट्रांसपोर्टरों के लिए तत्काल 20% भाड़ा बढ़ाया जाए। पुलिस महानिदेशक, यातायात सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर ट्रकों पर प्रेशर हॉर्न के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आदेश जारी करें, ताकि ट्रांसपोर्टरों का शोषण व अनावश्यक जुर्माना बंद हो।एसोसिएशन ने केंद्र व राज्य सरकार से उपरोक्त मांगों पर शीघ्र विचार कर राहत देने की अपील की है









