सोनभद्र। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप मिश्र ने जनपद की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आने वाले दिनों में पूरे जिले में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन देखने को मिलेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के दावों के बावजूद जिले के कई क्षेत्रों में आज भी लोग सड़क, स्वास्थ्य, संचार और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।संदीप मिश्र ने कहा कि पटवध से पोखरिया-पिंडारी क्षेत्र तक लगभग 116 गांव ऐसे हैं, जहां न तो मोबाइल नेटवर्क की समुचित सुविधा है, न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं और न ही बेहतर सड़क संपर्क। दशकों से इन गांवों के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर घर नल योजना के तहत लगाई गई टोटियां लोगों को सुविधाएं देने के बजाय केवल योजनाओं की याद दिला रही हैं, क्योंकि अधिकांश स्थानों पर जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि सोमा से शक्तिनगर, धरसड़ा से धर्मशाला, सुकृत से सजौर तथा कर्मा से पनौरा तक विभिन्न क्षेत्रों के लोग बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और गेहूं खरीद व्यवस्था में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। वहीं युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि जिले में देश की कई बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। संदीप मिश्र ने डाला क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक इकाइयों से फैल रहे प्रदूषण के कारण स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों में जल निकासी और पेयजल संकट, किसानों की समस्याएं तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों के लंबित मानदेय का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जनपद की जमीनी परिस्थितियों को देखते हुए विकास और उपलब्धियों से संबंधित दावों की वास्तविकता का निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना चाहिए। संदीप मिश्र ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जनहित के मुद्दों को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
Author: Pramod Gupta
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