– जांच के बाद कनेक्शन बंद
सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) नधिरा उपकेंद्र क्षेत्र के पिंडारी गांव में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही और अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। गांव में न तो बिजली का कोई खंभा लगा है और न ही मुख्य लाइन से तार खींचा गया है, इसके बावजूद पिछले कई महीनों से ग्रामीणों के नाम पर हजारों रुपये के बिजली बिल भेजे जा रहे थे। इस फर्जी बिलिंग से परेशान ग्रामीण लगातार मानसिक तनाव झेल रहे थे। सेवका मोड़ पर आयोजित बिजली विभाग के एक मेगा कैंप में पहुंचे पिंडारी गांव के निवासियों ने इस घोर लापरवाही के खिलाफ जमकर हंगामा किया और अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित ग्रामीण राजेश कुमार, रामदास, श्याम बिहारी और राकेश कुमार सहित कई अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों तक न तो बिजली का ढांचा पहुंचा और न ही उन्होंने कोई कनेक्शन लिया था। इसके बावजूद उन्हें लगातार बिजली के बिल थमाए जा रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपखंड अधिकारी शिवम गुप्ता ने तत्काल अवर अभियंता बिहारी लाल को जमीनी हकीकत जानने के लिए मौके पर भेजा। जांच के दौरान ग्रामीणों की शिकायत बिल्कुल सही पाई गई।मौके पर न तो कोई बिजली का पोल मिला और न ही कोई तार। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि सौभाग्य योजना के तहत बिना किसी जमीनी काम या कागजी औपचारिकता के ही इन ग्रामीणों के नाम पर कागजों में कनेक्शन दर्ज कर दिए गए थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग ने अपनी गलती सुधारी और तुरंत कार्रवाई की शिवम गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित फर्जी कनेक्शनों को तुरंत रिकॉर्ड से हटाकर बंद कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में अब इन ग्रामीणों को कोई गलत बिल नहीं भेजा जाएगा।
मेगा कैंप के दौरान बाबू जितेंद्र कुमार और मनोज जायसवाल की मौजूदगी में कई अन्य उपभोक्ताओं के बिलों की गड़बड़ियों को भी मौके पर ही ठीक किया गया। बिल सही होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और कैंप में लगभग 60,000 रुपये का बकाया बिजली बिल राजस्व के रूप में जमा कराया गया।
Author: Pramod Gupta
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