– एसडीम सहित चार अधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज तहसील में गरीबों को पट्टा देने के नाम पर भूमाफियाओं को फर्जी तरीके से पट्टा दिए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर रावर्ट्सगंज तहसील की कार्यप्रणाली सहित ग्राम लसड़ा में जारी फर्जी पट्टों की जानकारी दी। डॉ. तिवारी ने आरोप लगाया कि रावर्ट्सगंज तहसील में भूमाफिया हावी हैं और उन्हें संबंधित अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है। तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल भूमाफियाओं से मिलीभगत कर किसानों की जमीनों को औने-पौने दामों में एग्रीमेंट के जरिए खरीदवाकर नियमों को दरकिनार करते हुए अवैध प्लाटिंग करवा रहे हैं। बाद में वही जमीनें महंगे दामों पर बेची जा रही हैं। ग्राम लसड़ा में अपात्र व्यक्तियों को फर्जी पट्टा दिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि न केवल धन के लेन-देन के जरिए पट्टा दिया गया, बल्कि पास से बहने वाली पुरानी सिरोही नदी के अस्तित्व को समाप्त करने का भी प्रयास किया जा रहा है। नदी को पाटकर उस पर कब्जा कर बाउंड्री और मकान तक बना लिए गए हैं।उन्होंने बताया कि रावर्ट्सगंज तहसील के ग्राम रसड़ा अक्षर में बांध की भूमि भी अपात्र व्यक्तियों को पट्टे पर दे दी गई है। इसके पीछे एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया गया है रावर्ट्सगंज-पन्नूगंज मार्ग के फोरलेन बनने की संभावना को देखते हुए सड़क किनारे की जमीनों की कीमत करोड़ों में पहुंच सकती है, जिसे लेकर बंदरबांट की आशंका जताई गई है। डॉ. तिवारी ने आरोप लगाया कि सदर तहसीलदार द्वारा अवैध धन उगाही कर प्लाटिंग करने वालों के साथ मिलकर संपत्ति अर्जित की गई है, जिसका लेन-देन तहसील के एक कर्मचारी शुभांशु के खाते के माध्यम से हुआ है। प्लाटिंग करने वालों में शमसुद्दीन, शहाबुद्दीन और सलीम के नाम सामने आए हैं। उन्होंने सभी की संपत्ति की जांच की मांग की। उन्होंने मुसही गांव के एक अन्य प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा साहब की जमीन से जुड़े छोटे विवाद को तहसीलदार द्वारा व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर विवादित बनाया गया। डॉ. धर्मवीर तिवारी ने मांग की कि लसड़ा पट्टा प्रकरण में कानूनगो, लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम की भूमिका की गहन जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सभी संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों की संपत्ति की जांच कराई जाए, ताकि सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश रचने वालों को दंड मिल सके।









