सोनभद्र। जनपद में करीब चार वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बालिका के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने मंगलवार को दोषी जलील मोहम्मद को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में उसे छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय के आदेशानुसार अर्थदंड की राशि में से 80 हजार रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाएंगे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, ओबरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के दादा ने 6 दिसंबर 2021 को थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया था कि 5 दिसंबर 2021 की शाम करीब 7:30 बजे उनकी 14 वर्षीय नाबालिग पोती को अरहर के खेत में ले जाकर जलील मोहम्मद पुत्र साबिर अली निवासी कनहरा, थाना ओबरा, जिला सोनभद्र तथा तीन अन्य नाबालिग लड़कों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस ने 6 दिसंबर 2021 को एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले में तीन अन्य आरोपी नाबालिग होने के कारण उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन रही। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क, आठ गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद जलील मोहम्मद (29 वर्ष) को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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