सोनभद्र। दिल्ली में आयोजित विश्व पुस्तक मेला 2026 के लेखक मंच पर सोनभद्र की जानी-मानी कवयित्री, लेखिका एवं सामाजिक चिंतक डॉ. रचना तिवारी के नवीन कविता संग्रह सपनों की उम्र नहीं होती का भव्य लोकार्पण 16 जनवरी 2026 को संपन्न हुआ। पुस्तक का लोकार्पण हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित लेखकों, संस्कृति कर्मियों एवं साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति में किया गया। गौरतलब है कि डॉ. रचना तिवारी पिछले तीन दशकों से हिंदी साहित्य में सक्रिय हैं। अब तक उनके कई चर्चित कविता, गीत, ग़ज़ल और मुक्तक संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें झील में उतरी नाव, कुछ प्रेम मिलने के लिए नहीं होते और मेरे गीत तुम्हीं से जन्मे प्रमुख हैं। हिंदी कविता के सौंदर्यबोध, सामाजिक विमर्श और समकालीन जीवन दृष्टि पर उनके शोध कार्यों के कारण उन्होंने एक सशक्त आलोचक के रूप में भी पहचान बनाई है।
गीतों में सामाजिक यथार्थ की सशक्त अभिव्यक्ति
लोकार्पण समारोह के दौरान आयोजित शांति, समरसता और सद्भावना को समर्पित कवि सम्मेलन में डॉ. रचना तिवारी ने अपने गीतों के पाठ से लेखक मंच को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी ओजस्वी एवं उदात्त वाणी ने श्रोताओं से गहरा संवाद स्थापित किया। हिंदी के प्रख्यात आलोचक डॉ. ओम निश्चल ने कहा कि रचना तिवारी की कविताओं में सामाजिक समस्याएं और जीवन की विडंबनाएं अत्यंत बेबाकी से अभिव्यक्त होती हैं। उन्हें छंद में भावों को पिरोने में अद्भुत दक्षता प्राप्त है और वे अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं से सीधा संबंध बना लेती हैं। डॉ. रचना तिवारी को अब तक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक साहित्यिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री को भेंट की पुस्तक
विश्व पुस्तक मेले के दौरान उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने मेले का भ्रमण किया। इस अवसर पर सर्वभाषा ट्रस्ट के स्टॉल पर पहुंचने पर सोनभद्र की सुपरिचित लेखिका डॉ. रचना तिवारी ने उन्हें अपनी सद्यः प्रकाशित पुस्तक सपनों की उम्र नहीं होती की प्रति भेंट की। मंत्री अनिल राजभर ने रचना तिवारी की कविताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं मानवता, संवेदना और सामाजिक चेतना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करती हैं तथा साहित्य जगत में उनका सर्जनात्मक योगदान उल्लेखनीय है।
Author: Pramod Gupta
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