– अवैध पैथोलॉजी सेंटरों का दुस्साहस छापेमारी के 2 घंटे बाद ही तोड़ी सील फिर भी कार्रवाई शून्य
सोनभद्र (बीजपुर) क्षेत्र में कुकुरमुत्ते की तरह फैले अवैध पैथोलॉजी सेंटरों के संचालकों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई को भी ठेंगा दिखाने से नहीं चूक रहे। मामला बीजपुर क्षेत्र का है जहाँ अनियमितता के आरोप में सील की गई दुकानों को संचालकों ने अधिकारियों के जाते ही दोबारा खोल लिया। हैरानी की बात यह है कि इस घटना के करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी न तो स्वास्थ्य विभाग ने सुध ली है और न ही स्थानीय पुलिस ने सील तोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई की है।विगत 23 दिसंबर को डिप्टी सीएमओ डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने बीजपुर क्षेत्र में चल रहे अवैध पैथोलॉजी सेंटरों पर औचक छापेमारी की थी। इस दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर दो पैथोलॉजी सेंटरों पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध संचालकों में हड़कंप मच गया था।विभागीय कार्रवाई का असर महज कुछ ही पलों का रहा।प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, डिप्टी सीएमओ की टीम के वापस जाते ही महज दो घंटे के भीतर उक्त दोनों पैथोलॉजी संचालकों ने कानून का मजाक उड़ाते हुए दुकान पर लगी सील तोड़ दी और धड़ल्ले से दोबारा संचालन शुरू कर दिया। इस दुस्साहस की शिकायत जब ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से की तो मामले का संज्ञान लेते हुए विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर सील तोड़ने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की लेकिन विडंबना यह है कि घटना के करीब 20 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। अवैध पैथोलॉजी सेंटरों और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर न तो पुलिस ने अब तक कोई मुकदमा दर्ज किया है और न ही स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा जाकर मौके का मुआयना किया। आखिर सरकारी सील तोड़ने जैसे गंभीर अपराध पर पुलिस खामोश क्यों है क्या इन अवैध संचालकों को किसी रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है स्वास्थ्य विभाग अपनी ही कार्रवाई का मखौल उड़ते देख चुप क्यों बैठा है फिलहाल क्षेत्र में अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेंटर बदस्तूर जारी हैं और मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है जबकि जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उसको दुकान नही खोलना चाहिए था अगर खुली है तो बंद कराया जाएगा।
Author: Pramod Gupta
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