सोनभद्र/बीजपुर(विनोद गुप्त)सरकारी धन की बंदरबांट और विभागीय सांठगांठ का नंगा नाच देखना हो तो जरहा ग्राम पंचायत के अम्माडॉड टोले में चले आइए। यहाँ विधायक निधि से आरईएस विभाग द्वारा बनाई जा रही सीसी सड़क विकास की नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की गवाही दे रही है। ठेकेदार और इंजीनियर की जुगलबंदी ने मिलकर मानकों को नाला में बहा दिया है।करीब 435 मीटर लंबी इस सीसी सड़क के निर्माण में लाखों रुपये का सरकारी बजट डकारने की पूरी पटकथा तैयार कर ली गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि नाले पर बन रही रिटेनिंग वॉल को बिना नींव खोदे सीधे जमीन पर पत्थरों को टिकाकर खड़ा कर दिया गया है।ग्रामीणों ने इसे मौत की दीवार बताया है जो कभी भी गिर सकती है।सीमेंट की तराई के लिए पाइप की जगह बोतलों से पानी लाकर महज औपचारिकता पूरी की गई।वन विभाग की नाक के नीचे स्थानीय पहाड़ों और नदी-नालों से अवैध खनन कर सड़ा-गला पत्थर और बालू खपाया जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि जब भ्रष्टाचार की पोल खुली तो ठेकेदार बाबूराम गुप्ता ने बड़ी ही मासूमियत से कहा मेरा आदमी काम करा रहा है कुछ गलती हुई होगी वहीं दूसरी ओर विभाग के जिम्मेदार जेई ज्ञानेंद्र कुमार को यह तक नहीं पता कि फील्ड पर क्या हो रहा है।ग्रामीणों ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जेई साहब और ठेकेदार की मेज के नीचे वाली सेटिंग ने ही इस घटिया निर्माण को शह दी है।कृष्ण बिहारी विश्वकर्मा, विष्णुकांति, विशेसर, शिवराम और कन्हैया लाल समेत दर्जनों ग्रामीणों ने इस ‘लूट’ पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि घटिया सामग्री का प्रयोग नहीं रुका और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चुप नहीं बैठेंगे और इसी सड़क पर आंदोलन किया जाएगा।









