सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत मारकुंडी मुख्य राजमार्ग स्थित गुरमा-मारकुंडी पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों के पैसों में हेराफेरी का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।29 नवंबर शनिवार को तीन खाताधारकों द्वारा धनराशि में गड़बड़ी की शिकायत किए जाने के बाद पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मारकुंडी मीनाबाजार निवासी व्यवसायी रामविलास यादव पुत्र सुदर्शन यादव ने अपने लिखित प्रार्थना पत्र में बताया कि 26 नवंबर को उन्होंने 50 हजार रुपये की निकासी का फॉर्म भरा था तथा 4 हजार रुपये अपनी पुत्री रिया यादव के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने हेतु सहायक बड़े बाबू को दिए थे। 28 नवंबर को सहायक बड़े बाबू अनुराग दुबे ने 50 हजार रुपये तो दे दिए, लेकिन सुकन्या खाते में जमा किए जाने वाले 4 हजार रुपये नेटवर्क समस्या का हवाला देते हुए जमा नहीं किए, जो आज तक खाते में नहीं पहुंचे। इसी क्रम में विजय पाल, व्यवसायी, ने बताया कि 29 नवंबर को उन्होंने 7 हजार रुपये की निकासी के लिए आवेदन किया था। नेटवर्क समस्या बताकर सोमवार को पैसा देने की बात कही गई, लेकिन उसी दिन उनके मोबाइल पर खाते से राशि निकाले जाने का मैसेज आ गया। सोमवार को पैसा मांगने पर बड़े बाबू द्वारा पैसा देने से साफ इनकार करदिया गया और कहा गया कि “जो करना है कर लो।” वहीं विनोद सिंह, इंडियन गैस एजेंसी कर्मचारी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता के खाते में 10 हजार रुपये जमा करने के लिए दिए थे। सहायक बड़े बाबू ने नेटवर्क समस्या बताते हुए अगले दिन पासबुक लाने को कहा, लेकिन न तो पैसा जमा किया गया और न ही पासबुक लौटाई जा रही है। मांग करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। तीनों पीड़ित खाताधारकों ने मामले की शिकायत मिर्जापुर डाक अधीक्षक को लिखित प्रार्थना पत्र देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मोबाइल फोन से संपर्क करने पर डाककर्मी शरद श्रीवास्तव ने बताया कि घटना सही है। उन्होंने बताया कि गुरमा-मारकुंडी पोस्ट ऑफिस के बड़े बाबू 10 दिनों के अवकाश पर थे, जिनके स्थान पर ओबरा पोस्ट ऑफिस में कार्यरत सहायक बड़े बाबू अनुराग दुबे को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। उन्हीं के कार्यकाल में यह पूरा मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है और खाताधारकों में रोष व्याप्त है।









