– ₹1.75 लाख अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद
– अर्थदंड में से ₹1 लाख पीड़िता को दिया जाएगा
– आरोपी द्वारा जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित
सोनभद्र। लगभग साढ़े छह वर्ष पूर्व 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी शिव कुमार खरवार 40 वर्ष को 20 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1,75,000 के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
साथ ही, अर्थदंड की राशि में से ₹1 लाख पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया गया है। दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। जुगैल थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 31 मई 2019 को शाम करीब 4 बजे आरोपी शिव कुमार खरवार उनकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। तलाश करने के बावजूद लड़की का पता नहीं चला। तहरीर के आधार पर जुगैल पुलिस ने 10 जून 2019 को एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, 9 गवाहों के बयान तथा समस्त पत्रावली का विस्तृत अवलोकन किया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया और कठोर सजा सुनाई।अभियोजन की ओर से राजकीय अभियोजक दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
Author: Pramod Gupta
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