लखनऊ (समर सैम) उत्तर प्रदेश के एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से तबादले की प्रक्रिया में अटके शिक्षकों को जल्द ही राहत मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, जिससे 1700 से अधिक शिक्षकों को फायदा पहुंचेगा। दरअसल, इस बार ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत तबादले तो पूरे कर दिए गए, लेकिन ऑफलाइन तबादले अभी तक लटके हुए हैं। इस कारण कई शिक्षक अपनी मनचाही जगह पर पदस्थापना से वंचित रह गए। ऐसे में विभाग ने एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की मान्यता अगले शैक्षणिक सत्र तक बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। यदि इसे मंजूरी मिल जाती है तो शिक्षकों को नए सत्र तक स्थानांतरण से जुड़ी सुविधा मिल सकेगी। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से वे तबादले की प्रक्रिया को लेकर असमंजस में थे। कई जिलों में तैनात शिक्षक अपने गृह जिले या निकटवर्ती जिलों में स्थानांतरण चाहते थे, लेकिन प्रक्रिया अटक जाने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। अब प्रस्ताव पर शासन की मुहर लगते ही उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शिक्षकों के हित में उठाया गया है। विभाग का मानना है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को किसी तरह की कठिनाई न हो। एनओसी की वैधता बढ़ने से उन शिक्षकों को भी अवसर मिलेगा जो पहले अटके रह गए थे। शिक्षा जगत के जानकारों का मानना है कि इस फैसले से न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी, बल्कि विद्यालयों में पढ़ाई-लिखाई की स्थिति भी सुधरेगी। शिक्षक अपनी सुविधा के अनुरूप कार्य कर पाएंगे तो छात्रों को भी उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, 1700 से अधिक एडेड माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शासन जल्द ही प्रस्ताव को मंजूरी देगा और शिक्षक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपने कार्य में जुटेंगे।
Author: Pramod Gupta
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