सोनभद्र। करीब सात वर्ष पूर्व नाबालिग छात्रा से जबरन छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने आरोपी सोनू कुरैशी उर्फ शाहिद को दोषी पाते हुए शनिवार को 5 वर्ष के कठोर कारावास और ₹8,500 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से ₹5,000 पीड़िता को प्रदान किए जाएंगे। 14 सितंबर 2018 को ओबरा थाना क्षेत्र की एक नाबालिग छात्रा ने तहरीर दी थी कि स्कूल से लौटते समय क्षेत्र के निवासी सोनू कुरैशी लगातार उसे परेशान करता है। 12 सितंबर को उसने छात्रा से जबरन छेड़छाड़ की और जान से मारने की धमकी दी। घटना से छात्रा भयभीत होकर पढ़ाई भी छोड़ने की स्थिति में थी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 7 गवाहों के बयान और साक्ष्य प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सोनू कुरैशी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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