– हजारीबाग में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, 25 लाख का रघुनाथ और 10 लाख का बीरसेन गंझू भी मारे गए
झारखंड। हजारीबाग (समर सैम)15 सितंबर झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षा बलों ने सोमवार को बड़ी सफलता हासिल की। लंबे समय से पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के लिए सिरदर्द बने 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली सहदेव सोरेन को मुठभेड़ में मार गिराया गया। इस कार्रवाई में उसके दो खास साथी, 25 लाख का इनामी रघुनाथ और 10 लाख का इनामी बीरसेन गंझू भी ढेर हुए।
कौन था सहदेव सोरेन?
झारखंड के चतरा-हजारीबाग की सीमावर्ती पहाड़ियों का रहने वाला। माओवादी संगठन का शीर्ष कमांडर। 20 साल से सक्रिय, बिहार व छत्तीसगढ़ तक नेटवर्क। 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज।
आपराधिक वारदातें
2014: चतरा में पुलिस पार्टी पर हमला, 7 जवान शहीद।2016: कोयला परियोजना से करोड़ों की रंगदारी वसूली।2019: हजारीबाग-गिरिडीह जंगल में सुरक्षाबलों पर बारूदी विस्फोट। कई निर्दोष ग्रामीणों की हत्या और संगठन में जबरन भर्ती।
दुस्साहस और आतंक
पुलिस चौकियों के पास तक जाकर हमले करता था।
विकास कार्यों- सड़क, पुल, बिजली प्रोजेक्ट- को बार-बार निशाना बनाया। ठेकेदारों और खनन क्षेत्र से करोड़ों की उगाही। आदिवासी युवाओं को संगठन में शामिल करने के लिए दबाव डालता था।
एनकाउंटर कैसे हुआ?
सुरक्षाबलों को सूचना मिली कि सहदेव और साथी जंगल में बैठक कर रहे हैं। इलाके को घेरते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सहदेव और उसके दो साथी ढेर। मौके से AK-47 समेत कई हथियार बरामद।
पुलिस का बयान
एसपी हजारीबाग ने कहा- यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की ऐतिहासिक सफलता है। सहदेव सोरेन का खात्मा नक्सली संगठन की कमर तोड़ देगा। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।
आगे की रणनीति
कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी। नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर दिया जाएगा।
Author: Pramod Gupta
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