बीजपुर/सोनभद्र (विनोद गुप्त)विगत दस दिनों से अपने भ्रष्ट एवं नियम विरुद्ध कार्यशैली से मीडिया सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे म्योरपुर शिक्षा क्षेत्र के एबीएसए मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करने लगी है। म्योरपुर ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था को साल भर में ही ध्वस्त करने वाले खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल हटाए जाने के लिए अब आवाज सत्ताधारी नेता सहित ग्रामीणों में बुलंद होने लगी है। हालांकि अभी तक बीएसए मामले की जांच में लगे हैं उनके द्वारा यही कहा जा रहा है कि जल्द ही कारवाई की जाएगी वहीं अंदर खाने के सूत्रों पर गौर करे तो मामले को ठंडा करने के लिए जांच में सुस्ती बरती जा रही है।सोमवार को शिक्षा मंत्री सहित महानिदेशक प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों को ट्वीट किए गए पत्र में भाजपा नेता सुधीर पांडे ने अवगत कराया है कि वर्षो गायब शिक्षकों को सी एल मेडिकल सीसीएल के नाम पर संरक्षण दे कर गायब रखने जांच के नाम पर नोटिस जारी कर निजी स्वार्थ की पूर्ति कर अनुपस्थित टीचरो से वसूली और नियम विरुद्ध कार्यशैली से विवादों में घिर चुके एबीएसए पर तत्काल करवाई होनी चाहिए
भाजपा नेता के अनुसार कोटा पुनर्वास और बीजपुर में अपने चहेते को प्रभारी बनाने के लिए एबीएसए द्वारा प्रधानाध्यापकों के खिलाफ भूमिका तैयार कर निलंबन कराए जाने का मामला जग जाहिर हो चुका है।वैश्य जाति के शिक्षकों के जाति और निवास प्रमाण पत्र की जांच के नाम पर अवैध वसूली जैसे कई मामले सामने आने के बाद भी चर्चित एबीएसए को क्यों नहीं हटाया जा रहा है यह चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
बहरहाल मामले की निष्पक्ष जांच और करवाई हो या न हो लेकिन गरीबी के कारण कॉन्वेंट स्कूल में अपने बच्चों को न पढ़ा पाने के कारण सरकारी स्कूलों में अपने बच्चो का नाम लिखाने वाले अभिभावकों के साथ धोखा और अन्याय अवश्य हो रहा है।बीएसए मुकुल आनन्द पांडेय को फोन कर कार्रवाई सम्बन्धित जानकारी चाही गयी लेकिन उन्हों ने ब्यस्तता के कारण फोन रिसीव नही किया।









