बीजपुर(सोनभद्र)जरहा वनरेंज क्षेत्र अंतर्गत महुली में तैनात वन दरोगा पर ग्रामीणों ने कई गम्भीर आरोप लगा कर सूबे के मुख्यमंत्री वन मंत्री चीफ कंजरबेटर डीएम डीएफओ सहित अनेक जगह पत्र भेज कर जाँच और कार्रवाई के साथ इस बीट से तत्काल वन दरोगा को हटाने की माँग की है।ग्रामीण भगवान दास पुत्र हीरा शाह राजरूप बन्सधारी तिलकधारी जयमंगल रूपशाह आदि का आरोप है कि वन दरोगा श्यामलाल की यहाँ तीसरी बार पोस्टिंग हुई है जिसके कारण ग्रामीणों को फर्जी केश में फंसा कर प्रताड़ित कर रहे हैं।आरोप है कि वन दरोगा कुछ अपने चहेतों को निजी स्वार्थ में महुली रजमिलान बार्डर पर धारा 20 में जंगल के बीच जमीन कब्जा करा कर घर तक बनवा दिए हैं।इतना ही नही दो वर्ष पूर्व गाँव के इसी बीट में किए गए पौधरोपड़ को पशुओं से चरा कर अब उसी जमीन पर दूसरी बार पौधरोपड़ की तैयारी में लगे हैं जिससे सरकार के धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।ग्रामीणों ने लिखा है कि दरोगा ने जंगल से बेशकीमती साखू तथा कत्था का पेड़ कटवा कर ठीकेदार को बेच दिए और अब जब ग्रामीण उनका पोल खोल रहे हैं तब तरह तरह के केश में फंसाने की धमकी दी जा रही है।इतना ही नही गाँव मे जंगल की जमीन बता कर जोतकोड करने के लिए किसानों से धन उगाही की जा रही है और कत्था लकड़ी तस्करों से साठ गांठ कर जंगल से खैर की लकड़ी का कटान करा कर रात में बाहर भेजते हैं रात में बालू खनन का धंधा इनकी संरक्षण में जोर पकड़ लिया है इसी लिए वन दरोगा श्यामलाल तीसरी बार यहाँ पोस्टिंग करा लिए हैं।ग्रामीणों के अनुसार वन दरोगा के ऊपर महुली जलजलिया रजमिलान दनुआ मैनहवा आदि के रहवासियों में आरोपो की झड़ी लगी है जितने मुँह उतनी शिकायतें हैं सत्यता क्या है यह जाँच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा।वैसे सम्भ्रांत जनों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारिकायों को विवादित वन दरोगा को यहां से तत्काल अन्यत्र हटा के आरोपों की जांच करानी चाहिए।इस बाबत रेंजर जरहा आर के मौर्या से जब जानकारी ली गयी तो उन्हों ने कहा हम अभी नए है इस सम्बंध में हमको कुछ जानकारी नही है।








