दुद्धी/सोनभद्र (राकेश गुप्ता) जनपद में 10 विकास खण्ड है जो अपने अपने विकास कार्यों के लिए जाने जाते है। कोई विकास खण्ड बड़ा तो कोई छोटा है जहां पर बीडीओ और एडीओ के साथ साथ ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, जे ई टी ए आदि लोग होते है। कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और अन्य विभागों से जुड़े कार्यों की देखरेख करने की भी जिम्मेदारी विकास खण्ड के पास होता है।
दुद्धी विकास खण्ड के बीडीओ और एडीओ की निष्क्रियता के कारण दुद्धी विकास खण्ड के गांवों में विकास कार्य नहीं हो रहे है । मनरेगा का कार्य भी ठप पड़ा हुआ है। मजदूरों का भुगतान नहीं हो रहा है जिससे मजदूर परेशान है। दुद्धी ब्लॉक के कई गांव ऐसे हैं जहां पर विकास कार्य बिल्कुल ही नहीं हो रहा है जिससे आमजन के साथ साथ प्रधान और बी डी सी भी परेशान है। प्रधान और बी डी सी को जनता बहुत ही शौक के साथ चुनती हैं कि उक्त व्यक्ति प्रधान बनेगा , बीडीसी बनेगा तो हमारे क्षेत्र का विकास होगा लेकिन प्रधान और बीडीसी के आशाओं पर पानी उस समय फिर जाता हूं जब वह कार्य करने, कराने को उत्सुक हो,लेकिन कार्य ना हो। इसके पीछे चाहे बीडीओ ,एडीओ , जे ई, टी ए या और कोई हो। बीडीसी लोग तो अपने क्षेत्र में अपने अनुसार काम ही नहीं करा पाते है क्योंकि उनके प्रस्ताव का कार्य ब्लॉक प्रमुख के कमीशन के ऊपर या परिक्रमा करनें वालों को मिल जाता है। और घटिया स्तर के कार्य होने के बावजूद सभी कमीशन के चक्कर में अपने क्षेत्र के विकास को अवरुद्ध होने देते हैं। कुल मिलाकर बीडीओ और एडीओ पंचायत की निष्क्रियता के कारण दुद्धी विकास खण्ड के गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे है।भाजपा नेता सुरेन्द्र अग्रहरि ने बताया कि दुद्धी विकास खण्ड के डुमरा, पोलवा, गुलालझरिया, पिपरडीह, जोरूखाड़ , केवाल, सुखड़ा, पकरी , धोरपा,हरपुरा ऐसे गांव है जहा पर स्थिति गंभीर है। मजदूर पलायन की स्थिति में है। बीडीओ और एडीओ पंचायत निष्क्रिय पड़े हुए हैं। ऐसे लोगों पर जिलाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्यवाही किया जाना चाहिए साथ ही विकास कार्य की क्या स्थिति है, उसकी समीक्षा करते हुए विकास कार्य में गति लाने का प्रयास करना चाहिए।।
Author: Pramod Gupta
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