November 30, 2025 3:34 am

आदिवासी युवकों को दबंगों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा पुलिस ने नहीं दर्ज की प्राथमिकि।

आदिवासियों के उत्पीड़न का केंद्र बनता जा रहा रामपुर बरकोनिया थाना

लंबे समय से जमे कतिपय पुलिस कर्मियों की वजह से दबंगों का हौसला बुलंद ।

सोनभद्र- रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के सिल्थम चौराहे के पास 5 दिन पूर्व कतिपय दबंग किस्म के युवकों द्वारा दो आदिवासी सगे भाइयों को उनके कमरे में घुसकर रात को बुरी तरह मारा पिटा गया, आश्चर्य जनक तो यह है कि लिखित तहरीर देने के बाद भी रामपुर बरकोनिया पुलिस ने न तो पीड़ित युवकों का मेडिकल कराया और ना ही कोई प्राथमिकि ही दर्ज की है, इसे लेकर आदिवासियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है जबकि मारपीट के दो वीडियो पीड़ितों के पास साक्ष्य के रूप में मौजूद है, जिसमें दबंग युवक लोहे के पाइप लेकर कमरे में घुसते नजर आ रहे हैं, और एक अन्य वीडियो में गाली गलौज व मारपीट की आवाज आ रही है लोगों का कहना है कि लंबे समय से रामपुर बरकोनिया थाने में तैनात कुछ सिपाही व हेड कांस्टेबल के वजह से इस तरह की उत्पीड़न की घटनाओं को दबा दिया जा रहा है।
गड़वाना गांव निवासी राजन सिंह पुत्र श्यामलाल गोंड का कहना है कि 5 जनवरी की रात लगभग 8:30 बजे सिल्थम के यादव जाति के कुछ युवक गोल बनाकर जान से मारने की नीयत से घात लगाकर बैठे थे, जब मैं अपनी दुकान से बाहर पेशाब करने निकला तो वह सब गाली गलौज और जाती सूचक शब्द का प्रयोग करने लगे मना करने पर दबंग युवकों ने पटक कर लात गुस्सा से मरने लगे जिससे काफी चोटे आई इसके बाद किसी तरह भाग कर दूसरे के घर में छिपा लेकिन उन युवकों ने वहां भी आकर पिटा दबंग युवकों ने जान से मारने की धमकी भी दी जब 112 नंबर पुलिस पहुंची तब वह सब भाग निकले ,घटना के 5 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक रामपुर बरकोनिया पुलिस द्वारा दबंग युवकों के खिलाफ न तो अभी तक प्राथमिकि दर्ज कराई गई है और न हीं घायल आदिवासी युवकों का मेडिकल ही कराया गया है, लोगों का कहना है कि रामपुर बरकोनिया पुलिस आदिवासियों के उत्पीड़न का केंद्र बनती जा रही है, यहां आधा दर्जन के लगभग सिपाही व मुख्य आरक्षी लंबे समय से तैनात है जिनकी वजह से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।लोगों का कहना है कि थाने से आधा किलोमीटर की दूरी पर क्षेत्र में एक व्यक्ति पशु तस्कर के रूप में कुख्यात है लेकिन उसके खिलाफ आज तक बरकोनिया पुलिस के द्वारा कार्यवाही नहीं की गई है, जबकि इस तस्कर के पशु द्वारा हकवाने के जुर्म में आदिवासियों पर गैंगस्टर लगाकर जेल भेजा जा रहा है थाने के कतिपय पर सिपाही व हेड कांस्टेबल उक्त पशु तस्कर से काफी मेल जोल रखे हुए हैं इसी तरह सिल्थम गांव की एक दलित आदिवासी महिला से घूस लेने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ भी आज तक कोई कार्रवाई न होने से लोगों में काफी चर्चा है क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस थाने पर कतिपय दलाल किस्म के लोग हावी हैं और उनके इशारे पर ही यहां कार्यवाही होती है ,राजन ने बताया कि इस मामले को लेकर अब न्यायालय से न्याय की उम्मीद है जो किया जाएगा अब न्यायालय के माध्यम से ही किया जाएगा

Pramod Gupta
Author: Pramod Gupta

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