मीरजापुर । राधास्वामी सत्संग दयालबाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन चित्रकूट विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर पाण्डे ने किया।
एक दिवसीय दिव्य प्रदर्शनी में प्राकृतिक रूप से बने सामानों की खरीददारी में जुटी भारी भीड़। प्राकृतिक रूप से बने सामानों में अपनत्व की झलक दिखलाई देती है तथा प्राकृतिक और हस्तनिर्मित भी सामानों की गुणवत्ता भी अन्य से अलग हट कर होती है।
यह विचार उद्गार चित्रकूट विश्व विद्यालय के कुलपति शिशिर पांडेय ने स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज लॉन में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि दयालबाग ऐसी उत्कृष्ट संस्था द्वारा जहां स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है
वहीं स्वदेशी भावना को पुख्ता बल मिल रहा है। वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी सलिल पांडे ने राधास्वामी सत्संग दयालबाग आगरा के देश के विभिन्न हिस्सों में दयालबाग औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों को अतिशय सराहनीय बताया तथा आयुर्वेदिक औषधि, सूती कपड़े, चादर, नहाने के साबुन, हेयर टॉनिक तेल ,बाम वगैरह घरेलू सामानों की मुक्तकण्ठ से प्रसंसा की।
प्रदर्शनी के उद्घाटन के पूर्व ब्रांच सेक्रेटरी गीता श्रीवास्तव, प्रदर्शनी चेयरमैन अशोक कुमार सत्संगी और उपस्थित सतसंगिओं द्वारा प्रार्थना की गई राधास्वामी स्तुति गायन के साथ।
आयोजन में जमावड़ा इस कदर रहा मानो विशाल रेला उमड़ पड़ा हो।उद्घाटन होते ही पहले से ही प्रदर्शनी स्थल पर मौजूद महिलाओं – पुरुषों की भारी भीड़ विभिन्न स्टालों पर बिना लाभ-हानि के सामानों की खरीददारी के लिए उमड़ पड़ी और मात्र दो घंटे में सभी स्टालों के सामान खत्म हो गए।
दयालबाग औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों को लोग प्रसाद समझ कर क्रय करते रहे । महत्वपूर्ण बात यह दिखी कि बिक्री की सेवा करते हुए स्टॉल पर उपस्थित सभी सतसंगियों द्वारा कोविड नियमो का पालन करते हुए सिर पर कैप और मास्क लगाए रखा गया।
प्रदर्शनी के सफल आयोजन में रीजनल मेंबर राकेश सतसंगी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सहयोग करने वाले प्रमुख लोगो में राजेश, संजय, गोपाल, गुरु सरन, अभिषेक दयाल, अनुराग, विष्णु, शैलेंद्र, सरन, विमल, आनंद, गुरुदास, मनोज, अनिल, प्रेम व अन्य सत्संगी आस्था भाव से सन्नध रहे।
Author: Pramod Gupta
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