सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव फिलहाल टलते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार राज्य में पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावना है, जबकि पंचायत चुनाव उसके बाद कराए जा सकते हैं। इसकी एक बड़ी वजह अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण से जुड़ा मामला और आयोग की रिपोर्ट में लगने वाला समय बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक OBC आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया को लेकर आयोग को विस्तृत सर्वे और डेटा विश्लेषण करना है, जिसमें लगभग 6 महीने तक का समय लग सकता है। जब तक आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपता, तब तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होना मुश्किल माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में भी चर्चा है कि अभी प्रमुख दल पंचायत चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय नहीं हुए हैं। संगठनात्मक स्तर पर तैयारी और प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया भी प्रारंभिक चरण में बताई जा रही है। ऐसे में प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों कारणों से पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि OBC आरक्षण पर अंतिम निर्णय और आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनाव की स्पष्ट समय-सीमा तय हो सकेगी। तब तक प्रदेश में चुनावी गतिविधियां मुख्य रूप से विधानसभा चुनाव पर केंद्रित रहने की संभावना है।
Author: Pramod Gupta
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