सोनभद्र। विकास खंड नगवां क्षेत्र के खलियारी में जिला पंचायत अध्यक्ष निधि से बन रही लगभग 300 मीटर लंबी पक्की नाली के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में तय मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, प्रस्तावित डाला की काली गिट्टी के स्थान पर अहरौरा की सफेद गिट्टी और भस्सी का प्रयोग किया जा रहा है, जो पक्के निर्माण कार्य के मानकों के विपरीत है। वहीं सीसी ढलाई में जहां तीन सूत सरिया और 7 से 8 इंच की दूरी पर जाली बिछाने का प्रावधान बताया जाता है, वहां एक से दो फीट की दूरी पर सरिया डाला जा रहा है। इससे नाली की मजबूती पर भी संदेह जताया जा रहा है। निर्माण में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि सरकारी धन से हो रहे कार्य में गुणवत्ता से समझौता कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का दावा करती है। इस मामले में क्षेत्रीय जेई रमेश चौरसिया से दूरभाष पर वार्ता करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि निर्माण में अहरौरा की गिट्टी व भस्सी का प्रयोग मानक के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि संबंधित ठेकेदार को अहरौरा की गिट्टी हटाकर डाला की गिट्टी का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि निर्माण कार्य मानक के विपरीत हो रहा था तो समय रहते गुणवत्ता की निगरानी क्यों नहीं की गई और कार्य को रोका क्यों नहीं गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभागीय निरीक्षण नियमित होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों व क्षेत्रीय नागरिकों ने जिलाधिकारी सोनभद्र से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए मानकों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
Author: Pramod Gupta
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