सोनभद्र। करीब साढ़े छह वर्ष पूर्व 16 वर्ष की नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी मुमताज अंसारी (38) को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अर्थदंड की राशि में से 65 हजार रुपये पीड़िता को प्रदान किए जाएंगे।अभियोजन पक्ष के अनुसार शाहगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने 24 अप्रैल 2019 को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री को मुमताज अंसारी पुत्र अजमुद्दीन अंसारी निवासी रामगढ़, थाना पन्नूगंज, जिला सोनभद्र, जो शाहगंज में किराए के मकान में रहकर वाहन चलाने का कार्य करता था, बहला-फुसलाकर दुष्कर्म की नीयत से भगा ले गया। तहरीर के आधार पर शाहगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने अपहरण, दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनीं, 9 गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 80 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।
Author: Pramod Gupta
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