सोनभद्र(दुद्धी)शनिवार को जिलाधिकारी बीएन सिंह व एसपी अभिषेक वर्मा ने दुद्धी तहसील सभागार मे आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याएं सुनी। इसी क्रम में कुल 69 मामले आए जिसमें 5 मामलों का निस्तारण त्वरित किया गया।इस दौरान जिलाधिकारी ने जमीनी विवाद को पुलिस और राजस्व की टीम द्वारा मौके पर जाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए, उसी तरह बिजली विभाग, आपूर्ति विभाग,लघु सिंचाई विभाग,लोक निर्माण विभाग ,कनहर परियोजना से संबंधित समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान ज़ब श्रम विभाग से संबंधित समस्या आयी तो श्रम विभाग के अधिकारी के बुलाने पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हाजिर हो गया, डीएम साहब उससे पूछताछ कर ही रहे थे कि डीएलसी हाजिर हो गए तो डीएम साहब ने पूछा कि आप डीएलसी हैं तो ये कौन हैं इसके बाद थोड़े समय डीएलसी भी चुप रहे इसके बाद उन्होंने बताया कि स्थानीय कार्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, एक ही विभाग के दो लोगों के हाजिर होने और एक दूसरे को अच्छे से नहीं पहचानने को लेकर उन्होंने तुरंत एसडीएम को पत्र लिखकर कारण बताओं नोटिस जारी करने का आदेश दिया। डीएम एवं एसपी की जन सुनवाई होने के कारण तहसील में फरियादियों की काफी भीड़ लगी रही।इस दौरान जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने जुलुस के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपकर दुद्धी को जिला बनाने की मांग रखी।तहसील समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने आधा दर्जन दिव्यांगों को दिव्यांग प्रमाण पत्र वितरित किए।इस दौरान 13 प्रमाण पत्र निर्गत किए गए इसी क्रम में लगभग 23 पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए, जिससे उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फार्मर रजिस्ट्री का पंजीकरण कराया गया। निराश्रित महिला पेंशन एवं वृद्धावस्था पेंशन से संबंधित लाभार्थियों का भी पेंशन पंजीकरण किया गया, जिससे उन्हें समय से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने अन्य जरूरत मंद का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए निर्देशित किया।इस मौके पर जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला विकास अधिकारी हेमंत सिंह, डीएफओं कमल कुमार, सीएमओं पंकज कुमार राय, एसडीएम निखिल यादव, सीओ राजेश कुमार राय, बीडीओ राम विशाल चौरसिया, दिनेश कुमार मिश्रा, उत्कर्ष सक्सेना, तहसीलदार अंजनी गुप्ता, नायब तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।









