सोनभद्र। वर्षों से बदहाल और गड्ढों में तब्दील हो चुके तेलगुड़वा-कोन संपर्क मार्ग का कुछ समय पूर्व प्रभारी मंत्री द्वारा शिलान्यास कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई थी। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से 20 किमी तक सीसी रोड निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी। लेकिन सड़क निर्माण शुरू होते ही इस परियोजना में भ्रष्टाचार की बू आने लगी है। निर्माण कार्य में मानक के विपरीत 40 एमएम सोलिंग का प्रयोग बेधड़क किया जा रहा है, वह भी बिना किसी वैध खनन परमिट के। ठेकेदार द्वारा बिना एमएम-11 प्रपत्र के सैकड़ों ट्रकों से 40 एमएम व 20 एमएम गिट्टी की आपूर्ति कराई जा रही है, जिससे राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि खनन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि ठेकेदार को संरक्षण आखिर किसका मिल रहा है? भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आने के बाद सदर विधायक भूपेश चौबे ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को कार्यालय तलब कर फटकार लगाई। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को चेताया कि जनता के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोगों में गुस्सा व्याप्त है। निर्माण कार्य पर निगरानी रखने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग हो रही है।

Author: Pramod Gupta
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