– ₹8 हजार पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे
– जेल में बिताई गई अवधि सजा में की गई शामिल
सोनभद्र। लगभग साढ़े छह वर्ष पूर्व नाबालिग छात्रा के अपहरण मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अमित वीर सिंह की अदालत ने दोषी राकेश पटेल को चार वर्ष की कठोर कारावास और ₹10,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की धनराशि में से ₹8,000 पीड़िता को क्षतिपूर्ति स्वरूप दिए जाएं। दोषी को जेल में पूर्व में बिताई गई अवधि सजा में समाहित मानी जाएगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 दिसंबर 2018 को रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी, जो दसवीं कक्षा की छात्रा थी, को पिपरा गांव निवासी राकेश पटेल पुत्र सुरेश पटेल अक्सर स्कूल आते-जाते परेशान करता था। परिजनों द्वारा राकेश और उसके परिवार से शिकायत करने पर भी कोई सुधार नहीं हुआ, उल्टा उन्हें धमकी दी गई कि बेटी को अगवा कर लिया जाएगा। यह घटना 3 दिसंबर 2018 की रात 12 से 1 बजे के बीच की है। पीड़िता जब शौच के लिए घर से बाहर गई थी, तभी घात लगाकर बैठे राकेश ने अपने साथियों की मदद से उसे अगवा कर लिया। काफी खोजबीन के बाद जब परिजनों को सूचना मिली कि राकेश पटेल ही बेटी को उठाकर ले गया है, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। राकेश ने फोन पर यह बात स्वीकार भी की। पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू की और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई। दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने राकेश पटेल को दोषी ठहराते हुए उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने प्रभावी पैरवी की।

Author: Pramod Gupta
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