सोनभद्र। बीजपुर (विनोद गुप्त) नधिरा सबस्टेशन से पोषित लगभग 40 गाँवों में 35 हजार बिजली कनेक्शन तार पोल सहित अन्य जर्जर उपकरण बाँस बल्ली रस्सी कपड़ा के सहारे बांध कर किसी तरह बिजली सप्लाई किया जाता है।ओवरलोड़ का आलम यह है कि बार बार सप्लाई ट्रिप होने से नियमित दिनचर्या के कार्य प्रभावित हो रहे है।गौरतलब हो कि पिछले 15 साल से बिजली बितरण निगम मरम्मत के नाम पर बकरिहवा फीडर में फूटी कौड़ी तक खर्च नही किया है अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं प्रस्ताव और स्टीमेट शासन को भेजा गया है जल्द जर्जर उपकरण बदल दिए जाएंगे।गाँवों में पहुचाई गयी एलटी लाइन और 11 केवीए के तार जर्जर हो चुके है जगह जगह पोल टूट कर गायब हैं पोल से पोल की दूरी बढ़ गयी है आयेदिन तार टूट कर गिर रहे हैं हल्की बरसात हो या फिर ठंडी गर्मी गरज चमक अथवा तेज धूप हवा का दबाव उपकरण बर्दास्त नही कर रहे हैं। जगह जगह तार गिरने अथवा फाल्ट की हालत में 12 से 18 घण्टा जर्जर उपकरण ठीक करने में समय लगता है तब तक लोग अंधेरे और गर्मी उमस में झेलते हैं।बरसात के महीने में बिजली कब गायब होगी कब आएगी यह निगम के अफसरों सहित बिजली कर्मियों को भी पता नही रहता। बावजूद जर्जर उपकरण बदलने के नाम पर विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन की घुटी पिला रहे हैं। नेमना गाँव मे सड़क किनारे एलटी लाइन का एबीसी केविल सड़ कर झूल रहा है यहाँ लकड़ी के बल्ली से स्पोर्ट देकर ग्रामीण किसी तरह केबिल को ऊपर उठाएं हैं।यही पर सड़क किनारे पोल के अभाव में झूलते एबीसी केबिल को नमामि गंगे जलकल पोल में रस्सी से बांध कर किसी तरह सप्लाई दी जा रही है यही हाल प्रत्येक गाँवों में है।बावजूद जर्जर उपकरण कब बदलना है यह भगवान ही जानते होंगे। एसडीओ म्योरपुर शिवम गुप्ता से जब जानकारी ली गयी तो उन्हों ने कहा बहुत पहले जर्जर उपकरण बदलना था ठेकेदार ने बदलने का आश्वासन दिया था बात करता हूँ बदलवाया जाएगा। विभागीय सूत्रों की माने तो फ़ंड का आभाव है ठेकेदार फण्ड फंसने के डर से निगम में काम करना नही चाहते उसके बावजूद विभाग के स्टोर में तार पोल ट्रांसफार्मर सहित अन्य उपकरण का अभाव है।

Author: Pramod Gupta
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