सोनभद्र । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत बजट प्रदेश के इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा बजट है। बजट का आकार 7 लाख 36 हजार 437 करोड 71 लाख रुपये (7,36,437.71 करोड़ रूपये) है। बजट में 24 हजार 863 करोड़ 57 लाख रुपये (24,863.57 करोड़ रूपये) की नई योजनाएं भी शामिल की गई हैं। प्रदेश सरकार के बजट में महिला, युवा, किसान और रोजगार सृजन पर सर्वाधिक जोर दिया गया है।
योगी सरकार के बजट में 6 लाख 6 हजार 802 करोड़ 40 लाख रुपये (6,06,802.40 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियां तथा 1 लाख 14 हजार 531 करोड़ 42 लाख रुपये (1,14,531.42 करोड़ रुपये) की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 4 लाख 88 हजार 902 करोड़ 84 लाख रुपये (4,88,902.84 करोड़ रुपये) है। इसमें स्वयं का कर राजस्व 2 लाख 70 हजार 86 करोड रुपये (2,70,086 करोड़ रुपये) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 2 लाख 18 हजार 816 करोड़ 84 लाख रुपये (2.18,816.84 करोड़ रुपये) शामिल है।
बजट पर आमलोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। जहाँ किसी ने बजट को सराहा तो किसी ने इसे निराशाजनक बताया। आमलोगों के साथ नेताओं की भी अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आयी है। कुछ लोगों ने बजट पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि बजट 2024-25 गरीब, नारी शक्ति, युवा शक्ति और किसान समेत सभी वर्गों का कल्याण करने वाला सर्वहितैषी और सर्वसमावेशी है।
बजट पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी ने कहा कि “बजट आम लोगों का बजट है, इससे हर वर्ग को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि बजट में हर क्षेत्र के बारे में ध्यान दिया गया है, चाहे पेंशन बढ़ाने की बात हो या फिर कृषि, शिक्षा व खेलकूद, सभी क्षेत्रों में अपार विस्तार व विकास होगा । श्री तिवारी ने कहा कि देश कैसे विकसित होगा, उस दिशा में यह सोच प्रदर्शित करता हुआ बजट है।”
वहीं सपा के पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे ने कहा कि “सरकार हर बार सबसे बड़ा बजट पेश करती है पर उसे खर्च नहीं कर पाती है। प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। इस बजट से भी कुछ लोगों का ही लाभ होगा जनता को कोई लाभ नहीं होगा। जनता बेरोजगारी और महंगाई से परेशान है।”
वहीं कांग्रेस के शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी ने प्रदेश सरकार के इस बजट को झुनझुना वाला और चुनावी बजट करार देते हुए कहा कि “योगी सरकार के इस बजट में युवाओं, बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं है। वहीं महिलाओं और स्कूली छात्राओं के लिए भी सरकार अपने वादे और घोषणा पत्र से हटके काम कर रही है। किसानों और व्यापारियों के लिए भी यह बजट छलावा मात्र है। मंहगाई के इस दौर में भी सरकार आधार और पैन लिंक करने के नाम पर जनता को सहूलियत देने के बजाय पेनाल्टी के नाम पर वसूली कर आमजनता का खून चूसने का काम किया है।”
बजट को लेकर उत्तर प्रादेशिक प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि “आज प्रदेश का जो बजट पेश हुआ उसमें पुरानी पेंशन की बात नहीं की गयी व प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद भी शिक्षक भर्ती का कोई प्रावधान नहीं किया गया। यह बजट कर्मचारियों के लिये पूर्णतः निराशाजनक है।”
वरिष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी श्री राम सिंह ने कहा कि “योगी सरकार ने इस बजट में खेल को बढ़ावा देने के लिए कोई घोषणा न करके खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। पूर्व में योगी सरकार ने प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक स्टेडियम की घोषणा किया था लेकिन वो भी सफ़ेद हाँथी साबित हुआ है।”

Author: Pramod Gupta
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