सोनभद्र (कोन) सरकार की नीतियों का खुला उलंघन कर मनमाने तरीके से सरकारी धन का बंदरबांट कोई ग्राम प्रधान और सचिव से सीखे। इन दिनों ग्राम पंचायत में पंचायती एक्ट की धज्जियां उड़ाते हुए सहायक विकास अधिकारी की जानकारी में बंदरबांट किया जा रहा है। विकास खण्ड कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत खेटकटवा में वर्तमान ग्राम प्रधान ने सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन को पंचायत के खाते से लाखों रूपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। ग्राम प्रधान द्वारा त्रिमूर्ति एंटरप्राइजेज फर्म के ठेकेदार से भी कमीशन के तौर पर लाखों रुपये अपने खाते में लिया गया। जिसकी जांच की जाय तो कई ठेकेदारों द्वारा प्रधान ने अपने खाते में धनराशि लिया इसका भी खुलाशा होगा। ग्राम प्रधान ने मजदूरों की मजदूरी का पैसा, मेठ, मेंशन का पैसा अपने खाते में बेखौफ होकर डलवाया जो पंचायती एक्ट का उलंघन है। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान और सचिव ने ग्राम पंचायत सदस्यों को एक ही माह में दो बार 1200,1200सौ भुगतान किया गया अगर यह बैठक का भुगतान है एक वर्ष में 24 बैठक होना संभव नहीं है और अगर है तो सदस्यों की बैठक में क्या कार्यवाही हुई हर मांह के बैठक की प्रमाणित काफी होनी चाहिए लेकिन लगता है कि प्रधान एवं सचिव ने अपने भ्रष्टाचार को दबाने के लिए और सदस्यों को खुश करने के लिए यह भुगतान किया गया है। शिकायत कर्ता ने बताया कि जिलाप्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है कि जल्द ग्राम पंचायत की जांच हो जिससे खुलाशा हो सके। तथा विधिक कार्यवाही हो सके।

Author: Pramod Gupta
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